अधिकारियों की मनमानी ने दिया टेंशन, छीना बुढ़ापे का सहारा ना मिलेगी पेंशन
नान रेगुलर एम्पलाई कोड बंद होने से होमगार्ड सैनिक हो रहे आर्थिक शोषण की शिकार

जनमत जागरण न्यूज @ भोपाल
अफसरों के बंगले में चाकरी करते हुए पुलिस के कंधे से कंधा मिलाकर हर समय तैनाती देने वाले होमगार्ड सैनिक विभागीय अधिकारियों की मनमानी नई नई आर्थिक परेशानियों का शिकार होता जा रहा है । विभागीय अधिकारियों की मनमानी से नान रेगुलर एम्पलाई कोड बंद करके दोबारा से बेंडर नंबर द्वारा वेतन भुगतान किया जा रहा है । कोड बंद करने के कारण अब होमगार्ड सैनिकों को ना तो पेंशन मिलेगी, ना ही पेंशन के बाद सरकारी सुविधाएं मिलने का लाभ मिल पाएगा, जिससे कि बुढ़ापे में अब उन्हें पेंशन का टेंशन सताने लगा है। जबकि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा वर्ष 2011 में पारित निर्णय आदेश एवं भारतीय सर्वोच्च न्यायालय नई दिल्ली के वर्ष 2015 के निर्णय पारित आदेश तथा मध्यप्रदेश शासन गृह विभाग एवं मध्यप्रदेश कोष एवं लेखा सतपुड़ा भवन भोपाल तथा डीजी होमगार्ड भोपाल के आदेश के पालन में होमगार्ड विभाग के विभागीय अधिकारियों द्वारा वर्ष 2018 में नान रेगुलर एम्पलाई कोड बनाकर वेतन भुगतान किया गया ।
नहीं मिलेगी अब यह सुविधाएं
- नान रेगुलर एम्पलाई कोड बंद होने से पीएफ का कटोरा रुक गया ।
*असाधारण पेंशन रिटायरमेंट पर मिलती है वह नहीं मिलेगी। - रिटायरमेंट के समय 62 वर्ष की उम्र का लाभ नहीं मिलेगा
- रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेजुएटी राशि में भिन्न प्रकार से कमी करके पैसे दिए जाएंगे नुकसान होगा ।
- जबकि मृतक होमगार्ड सैनिकों के वारिसान को एंपलाई कोर्ट के आधार पर ही पेंशन दी जा रही है।
यह कैसी विसंगति
सोनेराम रावत प्रांतीय सह सचिव मध्य प्रदेश होमगार्ड सैनिक एवं परिवार कल्याण संघ ग्वालियर ने बताया कि हाईकोर्ट जबलपुर और सुप्रीम कोर्ट दिल्ली के आदेश होने के बावजूद भी मुझे रिटायरमेंट होने के बाद पेंशन नहीं दी जा रही है , लेकिन विसंगति देखिए वर्तमान में जो विभागीय अधिकारियों ने नियम बना रखे हैं उस आधार पर होमगार्ड सैनिकों को पेंशन नहीं दी जा रही है लेकिन जब होमगार्ड सैनिक की मृत्यु हो जाती है तब उसकी पत्नी को उक्त पेंशन दी जाएगी ।
नियम के विरुद्ध मनमानी
नियमानुसार 15 हजार से ऊपर वेतन तथा मजदूरी पाने वाले चाहे कर्मचारी हो चाहे दैनिक वेतन भोगी हो , चाहे कुशल श्रमिकों, चाहे मजदूर हो जो शासकीय विभाग में कार्य करते हैं उनका वेतन तथा मजदूरी नान रेगुलर एम्पलाई कोर्ट से ही भुगतान किया जाए । वेंडर नंबर से नहीं निकाला जाए । विभागीय अधिकारियों की मनमानी से नान रेगुलर एम्पलाई कोड बंद करके दोबारा से बेंडर नंबर द्वारा वेतन भुगतान किया जा रहा है । जो कि कोर्ट के आदेश के विरुद्ध हैं।



