जनमत जागरण न्यूज @ नई दिल्ली
रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। राज्य में अनुच्छेद ३७० और स्पेशल स्टेटस का दर्जा हटाए जाने के बाद से पीएम मोदी का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू-कश्मीर की धरती से पहली बार देशवासियो को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर देश भर की ग्राम सभाओं को संबोधित करते हुए जम्मू कश्मीर में लगभग २०,००० करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया है। साथ ही पीएम ने रैली को संबोधित करते हुए नौजवानों से एक बड़ा वादा भी किया है।
जम्मू कश्मीर के लोगों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘न ये भू-भाग मेरे लिए नया है, और न मैं आप लोगों के लिए नया हूं। मैं यहां की बारिकियों से अनेक वर्षों से परिचित रहा हूं। मेरे लिए खुशी की बात है कि आज यहां कनेक्टिविटी और बिजली से जुड़े २०,००० करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है।
पीएम ने कहा कि आजादी के ७ दशक में जम्मू कश्मीर में १७ हजार करोड़ का ही निजी निवेश हो पाया था. पिछले दो साल में ये आंकड़ा ३८ हजार करोड़ पर पहुंच गया है। पीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमने बाबा साहब अंबेडकर के सपने को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के नौजवानों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। पीएम ने कहा कि दिल्ली से सरकारी फाइल चलती थी तो यहां पहुंचते हुए २ से ३ हफ्ते लग जाते थे।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं से पीएम का वादा, ‘जो जिंदगी आपके दादा-नाना ने गुजारी वैसे नहीं जीने दूंगा’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं जम्मू कश्मीर के नौजवानों से कहना चाहता हूं कि आपके माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी को जिन मुसीबतों के साथ जिंदगी जीनी पड़ी। आपको कभी भी ऐसी जिंदगी जीनी नहीं पड़ेगी, ये मैं आपको करके दिखाऊंगा।’ नए कश्मीर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “दशकों-दशक से जो बेड़ियां वाल्मीकि समाज के पांव में डाल दी गई थीं, उनसे वह मुक्त हुआ है। आज हर समाज के बेटे-बेटियां अपने सपनों को पूरा कर पा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में बरसों तक जिन साथियों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला, अब उन्हें भी आरक्षण का लाभ मिल रहा है।”
दूरियां मिटाने पर होता है फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा जब मैं एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात करता हूं, तब हमारा फोकस कनेक्टिविटी पर होता है, दूरियां मिटाने पर भी होता है। दूरियां चाहे दिलों की हो, भाषा-व्यवहार की हो या फिर संसाधनों की, इनको दूर करना आज हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है।



