नायब सूबेदार के पद से सेवानिवृत्त होकर आए चौहान का प्रथम नगर आगमन पर भव्य स्वागत सम्मान हुआ
मैं जो कुछ भी हूं भारतीय सेना की बदौलत हूं सेवानिवृत्त नायब सूबेदार चौहान
जनमत जागरण न्यूज @ सोयत कलां
भारतीय सेना में पदस्थ क्लर्क नायब सूबेदार गोपाल सिंह चौहान पिता भैरू सिंह चौहान 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए। शनिवार उनका नगर में प्रथम आगमन हुआ जिनका नगर में भव्य स्वागत सम्मान किया गया। नायब सूबेदार गोपाल सिंह चौहान इंदौर कोटा मार्ग पिडावा रोड पहुंचे जहा से बस स्टैंड मुख्य मार्गो से होते हुए पट्टी रावला मां आशापुरा मंदिर पहुंचे जहां उन्होंने मां आशापुरा का पूजन अर्चन किया तत्पश्चात निवास स्थल पहुंचे।
नगर में भव्य स्वागत-
नायब सूबेदार गोपाल सिंह चौहान सेवानिवृत्त होकर नगर में पहुंचे तो पिड़ावा रोड से ही परिवार जन के साथ राजपूत सरदारो, भाजपा कांग्रेस विश्व हिंदू परिषद भारतीय किसान संघ विधायक राणा विक्रम सिंह टीम व्यापारी एसोसिएशन एवं नगर के गणमान्य नागरिक युवा कार्यकर्ता, पत्रकार गण एवं अन्य ने जगह जगह पुष्प वर्षा एवं माला पहनाते हुए मुंह मीठा कर स्वागत सम्मान कर बधाइयां प्रेषित की इस अवसर पर नगर के सैकड़ों की संख्या में लोग सम्मिलित हुए। वही शोभायात्रा में बैंड बाजे ढोल एवं आतिशबाजी करते हुए शोभा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई निवास स्थल पट्टी रावला पहुंची जहां परिवार की माता बहनों द्वारा अपने लाल वीर सपूत गोपाल सिंह चौहान की आरती कर आशीर्वाद दिया।
बीस वर्षों तक की मातृभूमि की सेवा-
सेवानिवृत्त नायक सूबेदार गोपाल सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय सेना में उनका चयन 23 जुलाई 2001 में हुआ था उन्होंने कड़ा प्रशिक्षण ए.एस. सेंटर साउथ बैंगलोर में 2 वर्ष तक पूर्ण किया तत्पश्चात उनकी पहली पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के बबीना नामक स्थान पर हुई, किश्तवार जम्मू कश्मीर पानागढ़ वेस्ट बंगाल सिकंदराबाद आंध्र प्रदेश जैसलमेर राजस्थान नगरोटा जम्मू कश्मीर बेंगलोर से कोर्स कर नायब सूबेदार के रैक पर पदोन्नति हुई वहां ढाई वर्ष पूर्ण करने के उपरांत बतौर नायब सूबेदार क्लर्क के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने आगे बताया कि भारतीय सेना मेरा परिवार था और रहेगा देश की युवाओ भी अपना लक्ष्य निर्धारित कर भारतीय सेना में जाना चाहिए एवं मातृभूमि की सेवा का पुण्य कमाना चाहिए वही उन्होंने कहा आज मैं जो कुछ भी हूं मेरे माता-पिता गुरुजन परिवार एवं भारतीय सेना की बदौलत हूं।



