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आगर मालवाउज्जैनमध्यप्रदेश

जिंदगी जीने के लिए भौतिक सुख-सुविधाओं की नहीं है आवश्यकता-पद्मश्री डॉ किरण सेठ

1650 किमी की यात्रा तय कर सोयतकलां पहुंचे 73 वर्षीय डा. सेठ : युवाओं को सादगी व अनुशासन का संदेश

जनमत जागरण न्यूज़ @ सोयत कला

सोमवार को उम्र के अंतिम पड़ाव में होते हुवे भी युवाओं को सादगी और अनुशासन का संदेश देने के उद्देश्य से तपती दोपहर में साइकिल से 1650 किलोमीटर की यात्रा तय करके पूर्व आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर , पर्यावरणविद् पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित डॉ किरण सेठ सोयतकलां पहुंचे । डॉ सेठ ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जिंदगी जीने के लिए भौतिक सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं, सादगी में बहुत गूढ़ रहस्य छिपे हुए होते हैं, उन्होंने साइकिल यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि युवाओं को सादगी और अनुशासन का संदेश देना, हर युवा स्वस्थ रहे । युवाओं से हमारा आग्रह है कि हमारी भारतीय गौरवशाली विरासत और संस्कृति-सभ्यता के प्रति लोगों को जागरूक करें । इसी उद्देश्य को लेकर देशभर में साइकिल यात्रा कर के युवाओं को जागृत किया जा रहा है । पत्रकार वार्ता में नायब तहसीलदार , नगर के वरिष्ठ पत्रकार राजेश कुमरावत , जितेन्द्र शर्मा तथा अन्य सभी पत्रकार साथी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर साइकिल यात्रा का होगा समापन

आपको बता दें पद्मश्री सेठ द्वारा कि 11 मार्च 2020 को राजधानी नई दिल्ली से महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि देते हुए साइकिल यात्रा की शुरुआत की थी। देशभर में यह साइकिल यात्रा वापस 5 जून 2022 विश्व पर्यावरण दिवस के दिन पहुंचेगी ।

स्पीक मेंके के संस्थापक है डॉक्टर सेठ

स्पीक मैके देश की सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में जुटा है खासतौर पर शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ रहे युवाओं को देश की विरासत से जोड़ने का काम कर रहा है डॉक्टर सेठ इस संस्था के संस्थापक सदस्य भी हैं । डॉक्टर सेठ सोयत कला के बाद वापस दिल्ली तक का सफर तय करेंगे , इस यात्रा के दौरान करीब 25 सो किलोमीटर का सफर तय कर लेंगे ।

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