विश्व तंबाकू दिवस पर कैदियों व कारागृह स्टाफ ने लिया नशा मुक्ति का संकल्प
झालावाड़ जेल अधीक्षक श्री भारद्वाज ने कहा -विनाश की निशानी है नशा, मनुष्य के शारीरिक-मानसिक पतन के बाद चारित्रिक पतन भी करता है नशा
जनमत जागरण न्यूज़ @ झालावाड़
नशा न केवल व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक पतन करता है बल्कि चारित्रिक पतन भी करता है, उक्त बात मंगलवार को विश्व तंबाकू दिवस के अवसर पर झालावाड़ कारागार में जेल अधीक्षक वैभव भारद्वाज ने कैदियों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाते समय कहीं । विश्व तंबाकू दिवस के अवसर पर प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय झालावाड के सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्मकुमारी नेहा एवं उनकी टीम ने कारागृह के बंदीयों को तंबाकू के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई बंदियों को तंबाकू एवं उससे बने हुए उत्पादों का सेवन ना करने की शपथ दिलाई गई ब्रह्मकुमारी नेहा ने बताया कि नशा नाश की निशानी है इसके दुष्परिणाम व्यक्ति को स्वयं एवम उसके परिवार व निकट संबंधियों को भी झेलने पड़ते है। नशा करने वाला व्यक्ति शारीरिक मानसिक व आर्थिक तीनो तरह से दुष्प्रभावित रहता है। पधारे हुये अतिथियों ने बंदियों को मेडिटेंशन भी करवाया तथा आध्यात्मिक, नैतिक एवं चारित्रिक विकास को इंगित करने वाले साहित्य का वितरण भी किया गया।
स्टाप और जेल बंदियों को दिलाया संकल्प

जेल अधीक्षक श्री भारद्वाज ने बंदियों व जेल स्टाफ को संकल्प दिलाया कि वे दृढ इच्छा शक्ति के साथ विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ली गई शपथ का पालन करेगे। अंत में जेल अधीक्षक श्री वैभव भारद्वाज ने बाहर से पधारे अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर कारापाल मोहनलाल मीणा, उपकारापाल रूपसिंह हाडा, वरिष्ठ सहायक भरत राठौर व अन्य जेल स्टाफ माजूद रहे।



