तीन महाआरतियों द्वारा हुआ देव विमानों में विराजित श्री बालकृष्ण का महाअभिषेक
हजारों श्रद्धालुओं ने तीन दर्जन से अधिक मंदिरों के बाल विग्रह के किए सामूहिक दर्शन, जलझूलनी एकादशी पर कंठाल नदी में तेरे देव विमान

शिवसेना की महाआरती , सदाबहार ग्रुप ने वितरण की महाप्रसादी तो नगर परिषद द्वारा स्टाप डेम पर कि गई अद्भुत आतिशबाजी

जनमत जागरण न्यूज़ @ सोयत कलां
वर्षों से जारी परंपरा का निर्माण करते हुए मंगलवार को सोयतकलां नगर व क्षेत्र की समस्त जनता ने बड़े उत्सव आनंद से भगवान श्री कृष्ण का उत्सव जलझूलनी एकादशी महोत्सव धूमधाम से मनाया । नगर के समस्त मंदिर में विराजित भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप को विशेष विमान में सजा करके सबसे पहले छत्री चौक में विराजित करके नगर वासियों द्वारा भगवान की आराधना की जाती है । बड़े ही उत्साह व उमंग के साथ विमान में बैठे सभी विग्रह को नगर के मध्य स्थित माधव चौक में विशेष कार्यक्रम के तहत महाआरती से भगवान का अभिषेक किया गया ।
वर्ष में एक बार होने वाले सामूहिक इस अद्भुत दर्शन को देखने के लिए हर कोई बड़ी उत्साह और उमंग से दर्शन किए । महाआरती में हजारों की तादाद में महिला पुरुष और बच्चे उपस्थित थे । इस महोत्सव में कई सामाजिक संगठन भाग लेते हैं । माधव चौक में शिवसेना के द्वारा महाआरती का आयोजन किया गया । शिवसेना के कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्य अतिथि, अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पुष्कर राज सिंह जादौन तथा सभी पार्षदों, गणमान्य नागरिकों का साफा बांधकर स्वागत किया गया । शिवसेना के प्रमोद व्यास द्वारा कार्यक्रम का संचालन व आभार प्रदर्शन किया गया , छत्री चौक पर सदाबहार ग्रुप द्वारा महाप्रसाद वितरण खिचड़ी वह अन्य अनेक उपहार नगर वासियों के लिए भगवान के श्री चरणों में चढ़ाए जाते हैं । वह प्रसाद नगर वासी को वितरित किया जाता है । नगर की साफ सफाई ,विद्युत सज्जा और आतिशबाजी के लिए स्थानीय नगर परिषद द्वारा सारी व्यवस्थाएं जुटाई गई है । महोत्सव सांय 5:00 बजे से प्रारंभ हुआ ओर रात्रि 9:00 बजे तक चला इस महोत्सव में लगभग 7 से 8 हजार श्रद्धालु उपस्थित हुए ।
भक्तों की सुरक्षा की दृष्टि से व भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसलिए एसडीएम ,तहसीलदार , नायब तहसीलदार , थानाप्रभारी पुलिस प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद व्यवस्था की गई । बाढ सुरक्षादल भी देर रात्रि तक नदी पर उपस्थित रहा । वही अधिकारियो व्दारा भी कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओ का जायजा लिया ।
सभी देवविमानो का पूरे नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई वही नगर वासियों ने भी देवविमान में विराजित श्री कृष्ण की पूजा अर्चना कर मनोकामना मांगी ।
पवित्र कंठल नदी में उतरे देव विमान
कंठाल नदी में महाआरती के पश्चात भजन कीर्तन करते हुए कंठाल नदी सभी देव विमान पहुंच वहां पर पुन आरती होती है और फिर नदी में उनका तैराया जाता है नदी में भजन करते हुए वापस पेड़ियाघाट स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचे, जहां पर सामूहिक महाआरती से अभिषेक किया गया है। उसके बाद सारे देव विमान अपने-अपने मंदिरों की ओर प्रस्थान किया। यह दृश्य बड़ा ही मनोहारी होता है स्थानीय नगर परिषद द्वारा स्टाफ डैम के पास अद्भुत आतिशबाज़ी की जाती है जनता इस मनोहारी दृश्य को अपनी आंखों से निहार करके अपने आप को कृति महसूस किया ।
- क्यों मनाया जाता है जलझूलनी एकादशी पर्व
वास्तव में यह पर्व मां यशोदा के द्वारा श्री बालकृष्ण की बाल लीला में वस्त्र धोने के लिए यमुना तट पर जब मां यशोदा गई थी, उसी के उपलक्ष में जलझूलनी का विशेष पर्व समस्त भारत के साथ-साथ हमारे नगर सोयतकलां में भी विशेष धूमधाम के साथ आयोजित होता है । तीन महाआरतियों के द्वारा भगवान का महा अभिषेक किया जाता है ।



