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जनसंघ के नेता रहे मीसाबंदी मोहनलाल तम्बोली पंचतत्व में विलीन

क्षेत्र में जनसंघ की नींव मजबूत करने वालों में से एक थे नेताजी

जनमत जागरण न्यूज़ @ सोयत कलां

    सोयतकलां में जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे नेता जी के नाम से प्रसिद्ध मोहनलाल तम्बोली (उम्र 87 वर्ष) का रविवार तड़के निधन हो गया। स्व. मोहनलाल नेताजी के चार पुत्र ओम प्रकाश,स्व  रामेश्वर, सुरेश व अशोक है । भाजपा जिला अध्यक्ष चिंतामण राठौर  ने बताया कि स्व. मोहनलाल नेताजी जनसंघ के सक्रिय और कर्मठ कार्यकर्ता में थे, उन्हें आपातकाल में जेल भी जाना पड़ा था। भाजपा जिलाध्यक्ष , मीसाबंदी रिटायर्ड अध्यापक  हरिप्रसाद आचार्य, वरिष्ठ भाजपा नेता आत्माराम जायसवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता घनश्याम कुशवाह ने नेता जी के जीवन को कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्पद बताते हुए उनके निधन पर दुःख जताया है तथा उन्हें श्रद्धांजलि दी है। रविवार को उनके पार्थिव शरीर को स्वजनों ने पंचतत्व में विलीन किया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता आत्माराम जायसवाल ने की श्रृद्धांजलि सभा का संचालन मीसाबंदी हरी प्रसाद आचार्य ने किया । सभा में डॉ ओमप्रकाश कलावड़िया , पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप शर्मा व जगदीश टेलर, नगर पंचायत उपाध्यक्ष राजेश बैरागी , पार्षद व सांसद प्रतिनिधि गिरिराज गुप्ता , वरिष्ठ पत्रकार राजेश कुमरावत, गिरधर सोमानी , सीताराम राठोर, तुलसी राम भावसार नगर वासी और गणमान्य नागरिकों ने दो मिनट मौन रहकर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। गायत्री परिवार से जुड़े मुकुल भावसार, रविंद्र सोनी, सतीश भावसार, गोपाल भावसार आदि ने विधि विधान से अंतिम संस्कार की क्रिया संपन्न कराई । अंतिम यात्रा में नगर सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे ।

क्षेत्र में जनसंघ की नींव मजबूत करने वालों में से थे नेताजी

25 जून 1975 के उस काली रात को भारत की जनता भला कैसे भूल सकती हैं जिस दिन श्रीमती इंदिरा गांधी की मदांध सरकार ने बिना सोचे-समझे देश पर आपातकाल लगा दिया था। नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त करके लाखों निर्दाेष लोगों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अंतर्गत जेल में डाल दिया गया। न अपील, न वकील और न दलील – एक तरह से सबके मुह बंद करने की कोशिश की गई। अखबारों पर सेंसरशिप बैठा दी गई । 
      मीसाबंदी हरिप्रसाद आचार्य और आत्माराम जायसवाल ने बताया कि सोयतकलां क्षेत्र में जनसंघ की नींव को मजबूत करने वाले कर्मठ सेवा भावी कार्यकर्ताओं की सूची में  मोहनलाल नेताजी का नाम आता है मोहनलाल नेताजी 7 जुलाई 1975 को लगभग तीन माह से अधिक आपातकाल के समय जेल में रहकर आए थे । 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया था उसके बाद 4 जुलाई 1975 को आरएसएस  पर प्रतिबंध लगने के तीन दिन बाद 7 जुलाई को सोयतकलां  से जनसंघ के पांच कार्यकर्ताओ को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था । उनमें मोहनलाल  नेताजी थे । हरी प्रसाद आचार्य ने बताया कि 4 दिसंबर 1975 को नगर से मेरे सहित 4 जनसंघ कार्यकर्ताओं को  जेल भेज दिया गया था ।

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