मां बगुलामुखी के दरबार में हवन-अनुष्ठान कर जवारे का किया विसर्जन

भंडारा क्षेत्र में हजारों कन्याओं के पाद प्रक्षालन कर कराया कन्या भोज

जनमत जागरण न्यूज़ @ नलखेड़ा
शारदीय नवरात्रि के दिन नवमी पर पीतांबरा सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर पर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में स्थित माता मंदिरों पर पूरे दिन श्रद्धालुओं की लबी कतारें दर्शन एवं पूजा अर्चना के लिए भीड़ लगी रही। देश-प्रदेश के कई स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचे।मंदिरों में कन्याभोज, पूजन,भजन-कीर्तन,हवन,जप-तप,अनुष्ठान चलते रहे देर रात तक दर्शनार्थियों का आना-जाना लगा रहा। इस मौके पर मां बगलामुखी का मनमोहक स्वर्ण श्रृंगार किया गया। हवन-अनुष्ठान की पूर्णाहुति में आहुतियां प्रदान कर भक्तों ने धर्मलाभ लिया।महा नवमी पर लोगों ने अपने अपने घरों पर भी माता की पूजा अर्चना की।सोमवार को माता मंदिर पर नवरात्र पर्व के अंतिम दिन महानवमी पर पीतांबरा मां बगलामुखी के आंगन में पीतांबरा सेवा समिति के सदस्यों द्वारा भंडारा शेड क्षेत्र में कई कन्याओं के पाद प्रक्षालन कर उनका कुमकुम अक्षत से पूजन किया।कन्याओं को कन्या भोज कराया गया। इसके पूर्व समिति के सदस्यों द्वारा नवरात्र पर्व के दौरान प्रतिदिन भंडारा शेड क्षेत्र में होने वाला हवन भी मंत्रोच्चार की मंगल ध्वनियों के साथ विधिपूर्वक संपन्ना किया। बड़ी संख्या में नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हुई कन्याओ का पूजन कर उन्हें कन्याभोज कराया गया। इसके बाद नवरात्रि में मंदिर के पास चल रहे विशाल निशुल्क भंडारे में आगंतुक श्रद्धालुओं को समिति के सदस्यों और कार्यकर्ताओं द्वारा भोजन व फलाहार कराया गया। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारा परिसर में महाप्रसादी ग्रहण की।
वीआईपी का लगा रहा आना जाना
नवरात्रि नवमी के दिन माता मंदिर पर अधिकारियों व कई वीआईपी इंदर सिंह परमार, सांसद रोडमल नागर,राणा विक्रम सिंह और भी कई नेताओं आवागमन होते रहे।
बाड़ी व मूर्तियों का हुआ विसर्जन
सभी स्थानों पर जवारे विसर्जन के साथ पर्व का समापन हुआ। मां बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा,मां चामुण्डा मंदिर बड़ागांव,मां चौसठ योगिनी मंदिर सुईगांव माता मंदिर सहित कई स्थानों पर हवन-अनुष्ठान के साथ जवारे विसर्जन किए गए। नगर के चांडक परिसर,नीमा कॉलोनी सहित विभिन्ना ग्रामों में मां दुर्गा की मूर्तियां विराजित की गई।चल समारोह नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। मंदिर के पीछे स्थित लखुंदर नदी में मूर्तियों का पूजन-अर्चन कर विसर्जन किया गया।लोगों ने घरों में कि गई घटस्थापना के दौरान बोए ज्वारे ( बाड़ी) को उठाया गया।वही मां बगलामुखी मंदिर पर सायंकालीन आरती के बाद परंपरानुसार मां बगलामुखी मंदिर में घटस्थापना के दौरान बोए गए गेंहू के ज्वारे (बाड़ी) को ससम्मान उठाया गया।इस दौरान मां के मुख्य पुजारी गोपालदास पंडा के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाड़ी विसर्जन में शामिल हुए।बाड़ी का लखुंदर नदी में विधिपूर्वक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन किया गया।बड़ी संख्या में लोगों के हुजूम को संभालने के लिए पुलिस एवं प्रशासन सहित स्थानीय गणमान्यजनों,कार्यकर्ताओं को काफी मशक्कत करना पड़ी।बाड़ी का लखुंदर नदी में विधि पूर्वक मंत्रोच्चार के साथ विसर्जन किया गया। बाड़ी विसर्जन के देखने बड़ी तादाद में महिलाएं-पुरुष मंदिर व लखुंदर नदी के घाट पर पहुंचे। मंदिर परिसर का समूचा क्षेत्र मां बगलामुखी के जयकारों से गूंज उठा।
कस्बा पटेलों ने किया हवन
वर्षो प्राचीन परम्परा का निर्वहन करते हुए सोमवार को क़स्बा पटेल ने मां बगलामुखी मंदिर पर सुख-समृद्धि की मंगल कामना को लेकर हवन किया। कस्बा पटेल ने बताया कि वे वर्षो से मंदिर पर देवी के समक्ष हवन करते चले आ रहे हैं जब माता मंदिर पर कोई विकास नहीं हुआ था यहां बिजली आदि सुविधाएं नहीं थी उस समय मशाल के उजाले द्वारा नवमी की रात में यहां आकर हवन करते थे। उसके बाद घर लौटते समय मार्ग में आने वाले नगर के सभी मंदिरों पर पूजा पाठ आरती करके पटेल मंदिर की पूजा करके घर जाते थे। यह परम्परा आज भी निर्वहन कर रहे हैं। कस्बा पटेलों के हवन पश्चात देवी के समक्ष स्थित हवन कुण्ड की पवित्र अग्नि के ऊपर से भक्तों ने अपने शस्त्रो को घुमाया और उनका पूजन किया।



