चुनाव में जातिवाद की चाबी से हमारा ताला नहीं खुलना चाहिए-संघ की स्थापना दिवस कार्यक्रम में जिला प्रचारक ने कहा

रावण दहन नहीं हमें पाश्चात्य संस्कृति का दहन करना होगा

जनमत जागरण न्यूज़ @ सोयत कलां
संघ का उद्देश्य हिंदू समाज को शक्तिशाली बनाना है संघ स्थापना का उद्देश्य सर्वव्यापी ,सर्वस्पर्शी समाज का निर्माण करना है । राम ने धर्म की रक्षा के लिए समुचित समाज को संगठित कर रावण का वध किया ओर राक्षसों का समूल नाश किया था। संघ अब कल्पवृक्ष बन गया है धर्म की स्थापना करने के लिए सब कुछ छोड़ना पड़ता है यहां पर्व रावण दहन का नहीं यहां यह पर्व अंग्रेजों के दहन का है रावण दहन नहीं हमें पाश्चात्य संस्कृति का दहन करना होगा । पाश्चात्य संस्कृति के कारण हमारी भाषा ,वेशभूषा ,भजन ,भोजन सब कुछ खत्म इस संस्कृति ने किया है, हमे हर क्षेत्र में पुनर्स्थापना करने का समय आ चुका है।
उक्त विचार मंगलवार को सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित संघ के पद संचलन के पूर्व संघ के जिला प्रचारक राम जी ने स्वयंसेवकों को उद्बोधन में कहीं । समाज के सामने बहुत चुनौतियां हैं जो लोग समाज की चिंता करते हैं उनको सब चुनौतियां दिखती । समाज के वरिष्ठ लोगों से आग्रह है कि समाज के कार्यों में रुचि लेंगे तब पता लगेगा की समाज में कितनी चुनौतियां हैं । इस अवसर मुख्य अतिथि प्रजापत एवं नगर कार्यवाह तरू राठौर मंचासिन थे । कार्यक्रम के पश्चात नगर में घोष के साथ पद संचलन करते हुए स्वयंसेवक निकले । संचालन का नगर में जगह-जगह स्वागत हुआ ।
बहुत बड़ा षड्यंत्र हे जातिवाद
वक्ता जिला प्रचारक राम ने चुनावी माहौल का ध्यान रखते हुए कहा कि चुनाव में जातिवाद का जहर घोलने के लिए लोग आने वाले है । जातिवाद की चाबी लेकर घूम रहे हैं । हमारा ताला इस चाबी से नहीं खुलना चाहिए । यह जातिवाद बहुत बड़ा षड्यंत्र है । जाति के कारण नहीं कर्म के कारण मनुष्य उच नीच हो सकता हैं। हमें विचार करना है हमें समाज को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं हमारा धर्म किसी का विरोध नहीं करता है । लेकिन हमारे राष्ट्र समाज पर कोई विपदा आएगी तो हम हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं । हमें सब प्रकार के षडयंत्रों से समाज को बचाना यह हमारा कर्तव्य है ।
संगठित शक्ति से आत्मनिर्भर बना भारत
देश भर में जो विकास के काम चल रहे हैं उसे पर भी वक्ता ने स्वयंसेवकों का ध्यान आकर्षित कर कहा कि समग्र हिंदू समाज का संगठन करना होगा । धारा 370 , श्री राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण यह सब कैसे हुआ, समाज के संगठित होने के कारण,ओर ऐसे भाव के जागरण से हमारे उद्देश्य की पूर्ति हुई है । जो ऐसे काम कर रहे हैं उनको समाज संगठित होने से बल मिलता है । कोई देश शक्तिशाली तब होता है जब वह व्यावहारिक होता हैं। चंद्रयान-3 , आदित्य का सफल परीक्षण भारत के लिए गौरवशाली रहा है । कोरोना काल में वेक्सीन का निर्माण किया और सबसे सस्ती वेक्सीन दुनिया को भेजी ।
शक्ति दंड चलाने के लिए नहीं, समाज में संकट दूर करने के लिए शक्ति का सदुपयोग होना चाहिए।
हथियारों के लिए पहले हम विदेशों पर निर्भर रहते थे अब भारत आत्म निर्भर बन रहा है। लव जिहाद ठीक करना है तो हमें हमारे परिवार की व्यवस्था को ठीक करना पड़ेगी ।
धर्मांतरण हमें ठीक करना है तो हमें जागना होगा ।
चार महापुरुषों की जन्म शताब्दी है इस वर्ष
स्वामी दयानंद सरस्वती , शिवाजी महाराज ,महावीर भगवान ,
राजाभाऊ महाकाल की जनशताब्दी वर्ष है महावीर के पांच सूत्र समाज में बहुत उपयोगी हैं इन चारों महापुरुषों के द्वारा समाज उत्थान के लिए कही बातों को हमें समाज तक पहुंचाएं।
देश में 50% संख्या मातृशक्ति की है रानी लक्ष्मीबाई रानी अवंतिका बाई सावित्रीबाई फुले आदि जिनका इतिहास हम बच्चों को नहीं पड़ते हैं ।मातृ शक्ति का प्रतिनिधित्व हर क्षेत्र में होना चाहिए । जल, जंगल ,जमीन ,जानवर इस सृष्टि के मूल है मनुष्य उनको नष्ट कर रहे हैं इनको हमें कैसे संरक्षण कर सकते हैं और कैसे विकसित कर सकते हैं यह हमारे समाज का विषय इसकी भी चिंता करना हमारा कर्तव्य है । नांदलाल घोष का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमें हमारे जीवन को सफल नहीं बनाना है जीवन को सार्थक जीवन बनना है।
पर्यावरण के लिए लेकर समाज में जागरूकता लाने की बहुत आवश्यकता है उसी प्रकार नशा नाश का द्वार है नाश करने वाले और करवाने वाले को पहचानना होगा इस को खत्म करना समाज का दायित्व है। भजन और भाषा की तरफ भी हमारे समाज को ले जाना पड़ेगा और हमें भजन भाषा सब चीजों को ठीक करने का समय आ चुका है इसके लिए परिवार की व्यवस्थाओं को ठीक करना पड़ेगी ।
अच्छे कार्यों करने वालों को प्रोत्साहित करे
अच्छे कार्यों करने वालों का प्रोत्साहन करना चाहिए जेसे नगर में गो माता के लिए घास की गाड़ी चलती है इसी प्रकार नगर में संस्कार केंद्र भी चलना चाहिए हम चला सकते हैं । नगर में 64 माता मंदिर का जो निर्माण हो रहा है वह समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र है ।



