
झालरापाटन सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी चैहान का करणी सेना ने किया का समर्थन
जनमत जागरण @ झालावाड़ ब्यूरो. विधानसभा चुनाव के तहत झालरापाटन सीट पर राजपूत करणी सेना व राजपूत करणी सेना परिवार ने सभी समर्थकों के साथ कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल चैहान को समर्थन की घोषणा की है। यहां होटल इन्द्रप्रस्थ में आयोजित एक कार्यक्रम में करणी सेना ने रामलाल के कंधे से कंधा मिलाकर चुनाव में सहयोग करने का वचन दिया।
यहां गुरूवार दोपहर बाद आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस प्रत्याशी रामलाल चैहान का माल्यार्पण और साफा बंधवाकर स्वागत किया। इसके बाद यहां आयोजित कार्यक्रम में करणी सेना परिवार के जिलाध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंह झाला ने कहा कि राजपूत और सौंधिया समाज हमेशा से एक दूसरे के भाई रहे हैं। आगामी चुनाव में दोनों साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढाएंगे। राजपूत करणी सेना जिलाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह झाला ने कहा कि यह महज चुनाव नहीं बल्कि स्वाभिमान की लडाई है। इस आन्दोलन में हमें स्थानीय नेतृत्व मजबूत करना होगा। अब तक दोनों ही पार्टियां बाहरी प्रत्याशियों को थोपती रही है। राजपूत समाज का अपमान करने पर करणी के आन्दोलन पर भाजपा ने अपना जिलाध्यक्ष हटाने का नाटक किया है। लेकिन आज तक उसको ही जिलाध्यक्ष मानकर अपने साथ घुमा रहे हैं और राजपूत समाज को चिढा रहे हैं। इससे समाज पूरी तरह आक्रोशित है। इसका खामियाजा इस चुनाव में भाजपा को भुगतना पडेगा। इस दौरान समाज सेवी ईश्वर सिंह राठौड ने कहा कि गत चुनाव में रामलाल चैहान ने मानवेन्द्र सिंह का तन मन धन से सहयोग किया था। अब मौका है कि समाज के सभी लोग इनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करें।

झालावाड में लोकतंत्र नहीं बल्कि बाहरी लोगों का चल रहा है राजतंत्र
कांग्रेस के महासचिव चंदर सिंह राणा ने कहा कि गत 34 सालों से झालावाड में लोक तंत्र नहीं बल्कि बाहरी लोगों का राजतंत्र चल रहा है। जबकि स्थानीय राजपरिवार एवं राजपूत समाज की उपेक्षा हो रही है। एक ही परिवार ने आकर यहां पूरी राजनैतिक व्यवस्था को अपने कब्जे में ले लिया है। इससे मुक्ति पाने के बाद ही स्थानीय नेतृत्व आगे बढ पाएगा। इस दौरन सौंधिया समाज के प्रदेश महासचिव रघुराज सिंह, लक्ष्मण सिंह आमेठा, महेन्द्र सिंह झाला सहित गुर्जर, दांगी, माली और मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रत्याशी राम लाल चैहान ने सभी को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और सभी को याद दिलाया कि सौधवाड का राजपूत समाज भी राजपूत समाज का ही वशंज है केवल क्षेत्र विशेष के निवसी होने से सौंधिया राजपूत कहलाए। जैसे मारवाड में मारवाडी और मेवाड में मेवाडी राजपूत कहलाते हैं। पूर्व में भी महाराज राणा हरिश्चंद्र जी से लेकर समाज के सभी प्रबुद्ध लोगों ने दोनों समाजों को एक ही माना है। उन्होंने आह्वान किया कि राजपूत समाज की तरह सभी समाज और धर्म इस चुनाव में साथ लगकर इस स्वाभिमान की लडाई में अपनी आहुति दें। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी शैलेन्द्र यादव कालू का भी नामांकन वापस लेने के लिए आभार व्यक्त किया।



