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मालवा पारंपरिक रीति-रिवाज टोकरी जलाकर कैसे मनाया गया सुहाग पड़वा पर्व
गोवर्धन जी की पूजा कर अन्नधन और सुख समृद्धि की कामना की
जनमत जागरण @ सोयतकलां
दीपावली के बाद शुक्रवार को महिलाओं ने सुहाग पड़वा का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ मनाया गया । ऐसी मान्यता है कि टोकरी को जला कर तापने से वर्षभर परिवार में सुख और समृद्धि बनी रहती है महिलाओं ने टोकरी को जलाकर शरीर को तपाया ऐसी मान्यता है कि शरीर को इस प्रकार से तपाने से वर्षभर शरीर निरोगी रहता है, इस पर्व पर महिलाओं ने सुख समृद्धि की कामना की । इसके बाद सुहागिन महिलाएं अपने पति के चरण छूकर लंबी आयु के लिए कामना करती है । दीपावली के पर्व पर छोटों ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

गोवर्धनजी की पूजा कर अन्न धन और सुख समृद्धि की
कामना नगर व क्षेत्र में दीपावली के अगले दिन होने वाला अन्नकुट गोवर्धन पूजा मंगलवार को बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। नगर में वार्ड नंबर 3 में तेजाजी मंदिर के पास महिलाओं ने गोबर के गोवर्धन जी बना कर पूजा अर्चना की और परिवार में सुख समृद्धि की कामना कर पर्व धूमधाम से मनाया । अन्नकूट गोवर्धन पूजा घर में अन्नधन और सुख समृद्धि बने रहने के लिए लोग करते हैं। इस पूजा में भगवान श्री कृष्ण की अराधना व पूजा की जाती है। पूजा में मंदिर के अंदर स्थित श्री बिहारी जी (भगवान कृष्ण) को विविध व्यंजनो का भोग चढ़ाया जाता है और श्रद्धालुओं द्वारा गौ पूजन किया जाता है। पूजा में शामिल सैकड़ों की संख्या में पहुंचे । अपने घर में अन्न-धन बने रहने की भगवान कृष्ण से कामना करते हैं।



