मामला चंद्रभागा मेले में उल्टी-दस्त से बच्चों के बीमार होने का – जिला कलेक्टर ने बच्चों से पूछी कुशलक्षेम,मेले में क्या खाया गए बच्चों से पूछा

अधिकारियों को घटना की जांच करने के दिए निर्देश, सभी बच्चे खतरे से बाहर,पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कि चिंता व्यक्त
जनमत जागरण @ झालावाड़ ब्यूरो : चंद्रभागा मेले में मंगलवार और बुधवार को दो दिन में दूषित भोजन-पानी से 50 बच्चों सहित 79 लोग बीमार हो गए। इन्हें एसआरजी व जनाना अस्पताल में भर्ती कराया है। इस प्रकरण की जानकारी लेने के लिए कलेक्टर आलोक रंजन एवं पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर गुरूवार को जनाना अस्पताल पहुंचे और बच्चों से मिलकर उनकी कुशलक्षेम पूछी। कलेक्टर ने एक-एक बच्चे के पास जाकर उनसे एवं उनके अभिभावकों से बच्चों के स्वास्थ्य की सम्पूर्ण जानकारी ली एवं उनके द्वारा मेले में खाए गए खाद्य पदार्थों के बारे में पूछा। इस दौरान उन्होंने सभी बच्चों के अभिभावकों से कहा कि उनके बच्चों का अस्पताल में अच्छे से इलाज किया जा रहा है एवं उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। --आपको बता दें कि झालरापाटन कार्तिक मेले में मंगलवार और गुरुवार को दो दिन में दूषित भोजन-पानी से 50 बच्चों सहित 79 लोग बीमार हो गए। इन्हें एसआरजी व जनाना अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं इनमें से एक सात वर्षीय बालिका की मंगलवार को मौत हो गई। ऐसा माना जा रहा हैं कि इन बच्चों ने कहीं दूषित खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन कर लिया। चिकित्सालय में 16 बच्चे पीआईसीयू, 6 बच्चे वार्ड में तथा 3 बच्चे इमरजेंसी सहित 50 भर्ती है। ये सभी बच्चे खतरे से बाहर है।
– सैम्पल लिए : सीएमएचओ डॉ. जीएम सैयद ने बताया कि मंगलवार को चन्द्रभागा कार्तिक पूर्णिमा पर बच्चे स्नान करने गए थे। बच्चों ने वहां लगे नलकूप से पानी पीया एवं मेले में चल रहे बालाजी मन्दिर के भण्डारे में प्रसादी ग्रहण की। कुछ बच्चों ने पानी पताशे भी खाए थे। इसके बाद तबीयत बिगड़ गई। कोई भी बच्चा गम्भीर स्थिति में नहीं है। बच्चों का मेडिकल टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है। भर्ती बच्चों के कुल 5 स्टूल सैम्पल लेकर जांच के लिए वीआरडीएल लैब भिजवाए गए। परिजनों द्वारा बताए जलस्रोतों से 7 सैम्पल लिए गए, जिसमें से 4 सैम्पल नदी के घाटों के व एक सैम्पल ट्यूबवैल एवं 2 सैम्पल हैंडपम्प से लिए हैं। इन्हें जांच के लिए पीएचईडी लैब भेजा गया है। मेला कमेटी की बैठक बुलाकर सभी को साफ-सफाई व ताजा खाद्य पदार्थ रखने के लिए निर्देशित किया गया है। हर दो घंटे में एनाउंस करवाया जा रहा है।

-पूर्व मुख्यमंत्री ने चिंता जताई : झालरापाटन मेले में हुई दूषित भोजन से हुई घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की। सांसद दुष्यंत सिंह ने इस संबंध में झालावाड़ कलक्टर आलोक रंजन से बात की और घटना की जानकारी ली। सिंह ने सभी बच्चों के बेहतर इलाज की बात कही।
-रिपोर्ट आने के बाद कुछ कह सकते हैं : “जनाना चिकित्सालय में करीब 50 बच्चे भर्ती हुए। सभी बच्चे खतरे से बाहर है। पानी के सैंपल लिए गए है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्थिति स्पष्ट होगी। सभी बच्चों को ड्रिप चढ़ा रखी है, डिहाइड्रेशन है। बाकी कोई विशेष परेशानी नहीं है” ।-डॉ. गौतम नागौरी, विभागाध्यक्ष शिशु रोग विभाग, झालावाड़
-जिला कलक्टर ने ली बैठक : उक्त प्रकरण के संबंध में जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग, नगर परिषद झालावाड़, नगर पालिका झालरापाटन एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की एसआरजी चिकित्सालय में बैठक ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों का इलाज कर रहे सभी चिकित्सकों से कहा कि बीमार हुए सभी बच्चों के इलाज में कोई कोताही न बरतें। अगर किसी भी प्रकार की दवाई अथवा संसाधन की कमी हो तो उस संबंध में जिला प्रशासन को अवगत कराएं ताकि उनकी पूर्ति की जा सके।
– प्रकरण की सम्पूर्ण जांच करने के दिए निर्देश : जिला कलक्टर ने सभी चिकित्सकों से अस्पताल में भर्ती बच्चों के उपचार एवं वर्तमान में उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली। जिस पर उन्हें सभी बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होने की बात से अवगत कराया गया। साथ ही उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं एसआरजी चिकित्सालय के अधीक्षक को टीम बनाकर उक्त प्रकरण की सम्पूर्ण जांच करने के निर्देश दिए।
-शुद्ध पेयजल सप्लाई करवाने ,मैदान में व्यापक सफाई व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए : कलेक्टर ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी को मेले में शुद्ध पेयजल सप्लाई करवाने तथा नगर परिषद् झालावाड़ आयुक्त एवं नगर पालिका झालरापाटन के ईओ को सम्पूर्ण मेला मैदान में व्यापक सफाई व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शिव भगवान शर्मा, एसआरजी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. संजय पोरवाल, नगर परिषद् आयुक्त अशोक शर्मा सहित संबंधित चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सा अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।



