
मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया 2023 का नेशनल अवार्ड प्राप्त कर राधेश्याम परिहार ने किया जिले का नाम रोशन
जनमत जागरण @ आगर ब्यूरो: पिछले कई वर्षों से कृषि में नए-नए प्रयोग कर किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने आगर जिले के छोटे से गांव विनायगा के कृषक राधेश्याम परिहार का राष्ट्रीय अवार्ड के लिए चयन हुआ । देश के किसानों को एक नई पहचान दिलाने और उन्हें सम्मानित करने के लिए कृषि जागरण द्वारा 6-7-8 दिसंबर 23 को तीन दिवसीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया । अवार्ड ‘महिंद्र मिलियनेयर फार्मर ऑफ इंडिया अवॉर्ड 2023’ का राष्ट्रीय पुरस्कार राधेश्याम परिहार को मिला। समारोह में मुख्य अतिथि केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति एवं के के. पाठक वाईस चासंलर मथुरा द्वारा शिल्ड प्रशस्ती पत्र देकर श्री परिहार को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पहले दिन के अंतिम सत्र में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए । इस दौरान उन्होंने कृषि जागरण द्वारा आयोजित ‘महिंद्र मिलियनेयर फार्मर ऑफ इंडिया अवॉर्ड’ में लगाई गई प्रदर्शनी का भी जायजा लिया । आपको बता दें कि पिछले कई वर्षों ने श्री परिहार ने इसी लगन और मेहनत के कारण उन्होंने राज्य व देश में अपनी पहचान बनाई है। वे अपने गांव के किसान एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गए हैं।

-12 वर्षों से कर रहे हैं जैविक खेती : राधेश्याम परिहार जो कि राष्ट्रीय प्रगतिशील किसान है वह पिछले 12 वर्षों से जैविक खेती का तरीका अपना रहे हैं । जैविक खेती में नए-नए प्रयोग करने से राधेश्याम के जीवन में ऐसा बदलाव आया कि उनकी जिंदगी बदल गई । आज राधेश्याम जिले ही नहीं प्रदेश में के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बन चुके हैं । उन्होने कृषि के क्षेत्र में अभी तक 4 नेशनल अवार्ड प्राप्त किये है एवं विगत 12 वर्ष से जैविक खेती कर रहे है एवं फुड प्रोसेसिंग कर मसाले व जड़ी बुटियों को खाद्य प्रस्संकरण कर अन्य किसानों को भी प्रेरित कर रहे है ।

- भारत के सबसे पुराने उघम कृषि के प्रोत्साहन करने के लिए कृषि जागरण करता है यह समारोह : यह कार्यक्रम नई दिल्ली में किसानों को एक अलग पहचान दिलाने के लिए भारत का प्रमुख एग्री मीडिया हाउस ‘कृषि जागरण’ नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में महिंद्रा ट्रैक्टर्स द्वारा प्रायोजित द मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया (एमएफओआई) अवार्ड्स-2023 , 6-7-8 दिसंबर 23 को आयोजित हुआ था । इस आयोजन में कृषि जागरण द्वारा भारत के ऐसे किसानों का चयन किया गया जिन्होने स्वयं अपनी सफलता कि कहानियां लिखी है व ग्रामीण युवाओं को कृषि पेशे में विश्वास बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है बल्कि अगली पीढ़ी को भारत के सबसे पुराने उद्यम कृषि को अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है उन किसानों को यह सम्मान मिल रहा है।



