कलेक्टर ने किया एक आदतन अपराधी जिला बदर तो शराब के अवैध परिवहन पर बोलेरो पिकअप वाहन को भी किया राजसात, चाइना डोर पर भी लगाया जिले में प्रतिबंध

जनमत जागरण @ आगर-मालवा :: राघवेन्द्र सिंह ने अवैध शराब परिवहन में प्रयुक्त जप्तशुदा बोलेरो पिकअप वाहन क्रमांक-एमपी-70 जी 0745 को शासन पक्ष में राजसात की है। जारी आदेशानुसार बोलेरो पिकअप वाहन से 31 मई 2021 को गौवंश एवं दो प्लास्टिक केनो में 70 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब का अवैध परिवहन करने पर उक्त वाहन जप्त कर म.प्र. गौवंश प्रतिषेध अधिनियम 2004, म.प्र. कृषक पशु परीक्षण अधिनियम 1959 व पशु क्रुरता निवारण अधिनियम की धारा 111 (घ) एवं धारा म.प्र. 34(2) व आबकारी अधिनियम के तहत् प्रकरण कायम कर विवेचना में लिया गया, शराब जप्ती के दौरान के समय 50 बल्क लीटर से अधिक होने के कारण प्रथम दृष्टया मामला मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम का होने पर कलेक्टर ने मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 47 (क) की उपधारा (2) के तहत् जप्तशुदा बोलेरो एवं शराब का शासन पक्ष में अधिहरण किया है। कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक आगर को राजसात वाहन की नियमानुसार नीलामी कर राशि शासकीय कोष में जमा करवाने तथा जिला आबकारी अधिकारी को शराब का विधिवत् निराकरण करने के निर्देश जारी किए है।
एक आदतन अपराधी जिला बदर :: कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने आदतन अपराधी रामेश्वर पिता गंगाराम यादव निवासी पालडा,जिला आगर-मालवा को 03 माह के लिए जिला बदर किया है। जारी आदेशानुसार रामेश्वर यादव वर्ष-2014 से निरन्तर आपराधिक गतिविधियों में लिप्त है, जिस पर मारपीट, नुकसान, रूपए की मांग, धमकी देना आदि अपराधिक प्रकरण कायम होने पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा-5 (क), (ख) के अन्तर्गत 03 माह की कालावधि के लिए जिला आगर-मालवा एवं इसके सीमावर्ती राजस्व जिले शाजापुर, उज्जैन, राजगढ़, रतलाम, मंदसौर की सीमाओं से बाहर चले जाने का निष्कासन आदेश पारित किया है तथा न्यायालय जिला दण्डाधिकारी की पूर्व अनुमति के उक्त प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश नहीं करने हेतु आदेशित किया है।
जिले में चायना डोर प्रतिबंधित :: कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेन्द्र सिंह ने मनुष्य, पशु-पक्षियों एवं पर्यावरण की सुरक्षा के दृष्टिगत दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा-144 के तहत् आगर-मालवा जिले में चायना डोर प्रतिबंधित की है। जारी आदेशानुसार जिला आगर-मालवा की राजस्व सीमा क्षेत्र के अन्तर्गत चायनीज मांझा (नायलॉन, चीनी, कपास के साथ लेपित मांझा/कांच का उपयोग करके निर्मित) जो कि मनुष्य एवं पक्षियों के लिए खतरनाक है, के विनिर्माण , विक्रय, भंडारण एवं उपयोग करना प्रतिबंधित होगा। आदेश आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील होगा, आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-188 की तहत् कार्यवाही की जाएगी।



