पानी में घुल जाएं तो मिलावटी शहद, चावल पानी में तैरते हैं नकली (प्लास्टिक के)

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री कुंभकार ने दी उपभोक्ताओं को अहम जानकारी
जनमत जागरण @ कानड़ (आगर मालवा) :: यदि आपने सोयाबीन का तेल खरीदा और ठंड में अगर जम रहा है तो समझो आपके साथ धोखा हुआ है , शहद यदि पानी में धूल जाएं तो मिलावटी हैं रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री कुंभकार ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर उपभोक्ताओं को समझाते हुए उक्त बातें समझाते हुए कहा कि बाजार से हम जो भी खाद्य सामग्री लाते हैं उसकी घर पर हम बहुत सरल तरीके से जांच कर सकते हैं कि असली है या नकली या मिलावटी है या हमारे साथ धोखा हुआ है सारी जांचें बहुत आसान तरीके से हम घर बैठ कर सकते हैं ।

जिला खाद्य आपूर्ति विभाग एवं अखिल भारतीय उपभोक्ता उत्थान संगठन के तत्वाधान में रविवार को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के अवसर पर नगर में कार्यक्रम आयोजित कर आम उपभोक्ता को उनके अधिकारों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियो द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैलाश नारायण परिहार थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सिद्धनाथ चौधरी द्वारा की गई। विशेष अतिथि के रूप में नगर परिषद उपाध्यक्ष राजेश डीलर, नगर परिषद पार्षद श्रीमती विजयलक्ष्मी माली, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी जी एल बोरसिया मंचासीन थे ।
नापतोल विभाग के अधिकारियों ने विधि उपभोक्ताओं को जानकारी :: कार्यक्रम में आम उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों में किस प्रकार मिलावट होती है तथा उनकी हम घर पर ही किस प्रकार से जांच कर सकते हैं तथा वसा, कृत्रिम रंग, फेड,के बारे में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी के एल कुंभकार द्वारा जानकारी दी गई ।वर्तमान समय में ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ हाट बाजार में किस प्रकार नापतोल संबंधी गड़बड़ी होती है उसके बारे में नापतोल निरीक्षिका श्रीमती दीपशिखा नागले द्वारा जानकारी दी गई, ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बैंकिंग से होने वाली समस्याओं के बारे मे जानकारी बैंक आफ इंडिया के जिलाअग्रणी प्रबंधक द्वारा दी गई, साथ ही सहायक जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी एन एस मुवेल द्वारा शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई ।

– सभी विभागों ने लगाई जांच हेतु प्रदर्शनी :: कार्यक्रम में नापतोल विभाग, एलपीजी गैस, पेट्रोलियम, मिलावटी खाद्य पदार्थ की जांच किस प्रकार की जाना है कि प्रदर्शनी भी लगाई गई थी, संगठन के जिला विधि सलाहकार एडवोकेट हरिनारायण राठौर द्वारा भी संगठन द्वारा चलाई जा रही गतिविधियो एवं नविन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के बारे में जानकारी दी गई, कार्यक्रम का संचालन संगठन के जिला अध्यक्ष संतोष शर्मा ने किया, कार्यक्रम में ग्रामीण उपभोक्ताओं सहित संगठन के पदाधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा, दीपेश उपाध्याय, ग्राम चंदनगांव के सरपंच चंद्रभान सिंह तोमर, एडवोकेट योगेश शर्मा, आकाश बिजापारी, यश बैरागी, सहित पत्रकार संतोष बैरागी, दारा सिंह आर्य शाकिब हुसैन, तथा जगदीश देवड़ा सहित वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे, आभार संगठन के नगर अध्यक्ष रंजीत सिसोदिया ने माना ।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी के एल कुंभकार ने दी उपभोक्ताओं को यह महत्वपूर्ण जानकारी
1) चावल :: एक छोटी चम्मच चावल एक ग्लास पानी में डाल कर थोड़ी देर चलाइए। थोड़ी देर बाद यदि चावल पानी की सतह पर तैरने लगे, तो समझ जाइए कि वो पूरी तरह नकली यानी प्लास्टिक से बना हैं। असली चावल पानी में डूब जाएगा।
2) पनीर :: पनीर का एक छोटा सा टुकड़ा हाथ में लेकर उसे मसल कर देखिए। यदि यह टुकड़ा बिखर जाता हैं, तो समझ जाइए कि पनीर में मिलावट की गई हैं। दरअसल पनीर में जो केमिकल मिलाया जाता हैं वो दबाव सहन नहीं कर पाता इस कारण पनीर टूट जाता हैं।
3) काटवल या हरे मटर :: काटवल या हरे मटर को ज्यादा हरा दिखाने के लिए इसमें जो केमिकल मिलाया जाता हैं, वो सेहत के लिए बहुत हानीकारक होता हैं। इस मिलावट को पहचानने के लिए काटवल या हरे मटर को थोड़ी देर पानी में भीगा कर रखें। यदि यह रंग छोड़ने लगे, तो समझिए कि इनमें मिलावट की गई हैं।
4) सेब :: सेब पर मोम की पॉलिश सेब को चमकदार दिखाने के लिए उस पर मोम की परत चढ़ाई जाती हैं। इसकी पहचान करने के लिए एक ब्लेड लेकर उससे सेब के छिलके को कुरदिए। अगर मोम होगा तो वो निकलता दिखाई देगा।
5) जीरा :: जीरे में घास के बीज मिलाएं जाते हैं। इसकी पहचान करने के लिए जीरे को हथेली पर रगड़े। यदि हथेली काली हो जाती हैं, तो समझ जाइए कि इसमें मिलावट हैं।
6) काली मिर्च :: काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाएं जाते हैं। इसकी पहचान करने के लिए काली मिर्च को पानी में डालें। पपीते के बीज उपर तैर जायेंगे और काली मिर्च तली में बैठ जाएगी।
7) शहद : : किसी बर्तन में पानी लेकर उस में शहद की कुछ बूंदे डालने पर यदि वो तली में बैठ जाएं, तो शहद शुद्ध हैं यदि पानी में धूल जाएं तो मिलावट हैं।
8) चांदी के वर्क :: चांदी के वर्क में एल्युमिनियम की मिलावट की जाती हैं। यदि चांदी के वर्क को जलाने पर वह उतनी ही मात्रा में छोटी सी गेंद के रुप में परिवर्तित हो जाती हैं, तो वह असली हैं। यदि मिलावटी हैं, तो जलाने पर गहरे ग्रे रंग का अवशेष बचेगा। असली चांदी का वर्क एकदम पतला होता हैं, तो नकली चांदी का वर्क थोड़ा मोटा होता हैं। किसी भी मिठाई पर लगा चांदी का वर्क ऊंगलियों पर लेकर मसलिये, यदि यह हाथ पर नहीं चिपकता हैं और गायब हो जाता हैं, तो यह असली होता हैं।
9) दूध से बनी खाद्य सामग्री :: मुट्ठी भर खोया (मावा)में तीन से पांच बूंद टिंचर आयोडीन डाल दें। खोया नीला पड़ जाए तो समझ लीजिए कि वह मिलावटी है। इसी प्रकार दूध से बने दही,पनीर ,घी आदि सभी खाद्य पदार्थ की जांच हम घर बैठ कर सकते हैं ।
10) अगर आप बाजार से सोयाबीन या मूंगफली का तेल लेकर आते हैं और वह ठंड में जम जाता है तो समझो दुकानदार ने आपके साथ धोखा किया है उसने सोयाबीन या मूंगफली के तेल की जगह आपको पामआयल तेल दे दिया है ।




