
मामला- न्यायालय के आदेश से हुई जमीन की धोखाधडी की एफआईआर का ,न्यायालय के द्वारा करवाई गई एफआईआर पर भी उठ रहे हैं सवाल
जनमत जागरण @ सुसनेर से संजय जैन की रिपोर्ट :: नलखेड़ा के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के द्वारा जमीन की धोखाधडी के एक प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के 28 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के मामले का जनमत जागरण द्वारा खुलासा कर दिये जाने के बाद आखिरकार पुलिस सक्रीय हुई और पुलिस ने 17 में से 2 आरोपी दिनेश पाटीदार और मुबारिक खां को गिरफ्तार कर लिया है। मामले से जूडे बाकी आरोपी फरार हो गए है। आरोपी उपपंजीयक कार्यालय आगर के उप पंजीयक रमेश मोघरे भी छुट्टी पर चले गए, उनका चार्ज सुसनेर के उप पंजीयक को दिया गया है। अभी भी इस मामले में 15 आरोपियों की गिरफ्तारी होना शेष है। इनमें 2 शासकीय कर्मचारी भी शामिल है। जबकि एक सर्विस प्रोवाइडर है तथा 12 अन्य जमीनो से जूडे लोग है। इस पूरे मामले में जिस तरह से पुलिस की कारवाई अभी तक हुई है। उसमें पुलिस की भुमिका पर भी सवाल खडे किये है।
सबसे बडा सवाल यह है की आगर जिलें के प्रशासन ने भु माफियाओ के आगे घुटने टेक दिये है या फिर जिम्मेदार अधिकारी अपने फायदे के लिए न्यायालय के द्वारा करवाई गई एफआईआर पर भी सवाल उठा रहे है। मामले में पुरी सुनवाई के बाद न्यायालय ने एफआईआर करवाई है। तो फिर जांच का तो सवाल ही पैदा नहीं होता है।
आपको बता दें कि जनमत जागरण ने 30 दिसम्बर को ” 27 दिनों बाद भी नहीं हुई गिरफ्तारी, जांच के नाम पर फर्जी तरीके से जमीन की धोखाधड़ी करने वालो को गिरफ्तारी से राहत “ शीर्षक से विस्तृत खबर प्रकाशित कर पूरे मामले को उजागर किया था। जिसके बाद पुलिस ने थोडी सक्रियता दिखाते हुएं दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है मगर शेष 15 आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होगी इसका जवाब देने को कोई भी जिम्मेदार तैयार नहीं है ।



