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मेरा नगर मेरी अयोध्या : अविस्मरणीय क्षण की गवाह बनी नगरी ‘ नगर में राम आए हैं ‘ ऐतिहासिक संकीर्तन यात्रा निकाली

रामलला विराजमान हो रहे हैं, अब कटुता व भेदभाव मुक्त समाज के पुनर्निर्माण हेतु जुटें: विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने रविवार को कहा

जनमत जागरण @ सोयतकलां
मेरा नगर मेरी अयोध्या के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए रविवार को नगर में अद्भुत ,अविस्मरणीय, अकल्पनीय ,अद्वीतीय,ऐतिहासिक ,संकीर्तन यात्रा अलौकिक नगरी सोयतकलां में भव्य दिव्य श्रीराम संकीर्तन यात्रा में हजारों राम भक्त निकले संकीर्तन यात्रा में रामनाम का अनुष्ठान करते हुए । कुशवाह समाज के संयोजन में सर्व समाज की नगर में दिव्य संकीर्तन यात्रा निकली । यात्रा में बच्चे बूढ़े और जवान महिला ,पुरुष हजारों की संख्या में संकीर्तन करते हुए निकले । रामभक्ति के इस वातावरण में ऐसा दृश्य बना दिया जैसे ‘ मेरी नगरी में राम आए हैं ‘ कल श्री राम जन्मभूमि अयोध्या में भगवान रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है । कुशवाह समाज के संयोजन में सर्व समाज द्वारा निकाली गई इस दिव्य संकीर्तन यात्रा में पूरा हिंदू समाज एकत्र होकर पूरे नगर में राम नाम का अनुष्ठान किया । संकीर्तन यात्रा के समापन खेड़ी के मंदिर पर महाप्रसादी का वितरण हुआ

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उसके पूर्व नगर में श्री रामनाम का अनुष्ठान चल रहा है रविवार को नगर में भी रामनाम की प्राण प्रतिष्ठा जैसा माहौल भक्तों ने बना दिया । पूरा नगर राममय हो गया । संकीर्तन यात्रा का नगर में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया । राम भक्त संकीर्तन यात्रा में भगवान के भजनों में भक्ति में वातावरण में नाचते गाते पूरे नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए निकले ।

रामलला विराजमान हो रहे हैं, अब कटुता व भेदभाव मुक्त समाज के पुनर्निर्माण हेतु जुटें: आलोक कुमार

जनमत जागरण @ अयोध्या :: विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्याध्यक्ष श्री आलोक कुमार ने रविवार को कहा है कि अयोध्या में 500 वर्ष के संघर्ष के उपरांत भगवान राम लाल के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव है। वैश्विक हर्ष के समय में पुरानी कटुता, भेदभाव और मनमुटाव को भुलाकर एक समरस और एकाकार हिंदू समाज के नव निर्माण के लिए हमें आगे बढ़ना होगा। उन्होंने आज एक विडियो संदेश के माध्यम से कहा कि श्री राम जन्मभूमि पर राम जी के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा सोमवार हो जाएगी। मुगलों, अंग्रेजों और उसके उपरांत स्वाधीन भारत की अपनी ही सरकारों से, कुल मिलाकर 500 वर्षों संघर्ष हुआ है। अब तो राम जी विराजमान हो रहे हैं। अभियान सफल हुआ है। अब यह समय है आगे देखने का, बीती ताहि बिसारने का। अपने ही दांतों से यदि जीभ कट जाए तो क्या कोई दातों को तोड़ता है! इसलिए जो कटुता का समय था, उसे भुलाकर पूरे समाज के साथ एक समरस वातावरण बना कर आगे बढ़ें।

-राम जोड़ने वाले हैं, राम संभालने वाले हैं। इसलिए इस प्राण प्रतिष्ठा का संदेश यही होगा कि समाज में पुरानी कटुताएँ और संघर्ष भूल कर सबको साथ लेकर हम आगे बढ़ें । पिछले को याद ना करते हुए नवनिर्माण की दृष्टि से पूरे विश्व में सुख और सौख्य बांटने की दृष्टि से अब पूरा समाज लगे, यही प्रार्थना इस अवसर के लिए उचित होगी ।

– राम जोड़ने वाले हैं, राम संभालने वाले हैं। इसलिए इस प्राण प्रतिष्ठा का संदेश यही होगा कि समाज में पुरानी कटुताएँ और संघर्ष भूल कर सबको साथ लेकर हम आगे बढ़ें । अब यह समय है आगे देखने का, बीती ताहि बिसारने का। अपने ही दांतों से यदि जीभ कट जाए तो क्या कोई दातों को तोड़ता है! इसलिए जो कटुता का समय था, उसे भुलाकर पूरे समाज के साथ एक समरस वातावरण बना कर आगे बढ़ें। पिछले को याद ना करते हुए नवनिर्माण की दृष्टि से पूरे विश्व में सुख और सौख्य बांटने की दृष्टि से अब पूरा समाज लगे, यही प्रार्थना इस अवसर के लिए उचित होगी।

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