• विश्व की हस्तियां पहुंची अयोध्या: ‘राष्ट्र और धर्म’ हित में मतभेदों को भुलाकर एकता का संदेश देना ही भारतीय परंपरा: शंकराचार्य
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का छठा दिन, 114 कलशों के औषधीय जल से प्रतिमा का हुआ स्नान, संशोधित: चंद्रचूड़ की जगह बदलते हुए----तमाम हस्तियां पहुंची, कुछ रास्ते मे

जनमत जागरण @ अयोध्या :: कांची कामकोटि पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज ने रविवार को यहां कहा कि राष्ट्र हित, धर्म हित और विश्व के कल्याणार्थ जब भी कोई पहल होती है, तो आपसी सभी मतभेदों को भुलाकर एकता का संदेश देना ही भारतीय संस्कृति और परंपरा है। श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक दिन पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री विजयेंद्र सरस्वती जी महाराज आज राम नगरी अयोध्या पहुंचे और यह संदेश दिया। शंकराचार्य के सचिव गजानंद कांड़े ने बताया कि जगद्गुरु ने कहा कि हमारे देश में जब-जब राष्ट्र हित की दिशा में कोई पहल हुई है तब-तब लोग आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आगे आये हैं। यही हमारी संस्कृति है।इसी तरह धर्म हित की पहल होने पर भी मतभेदों को भुलाकर एकता का संदेश देना भारत की गौरवशाली परंपरा रही है। गजानंद कांड़े के अनुसार जगद्गुरु शंकराचार्य ने यह भी कहा कि विश्व कल्याण के लिये पहल होने पर भी भारत का प्रत्येक नागरिक आपसी मतभेद भुलाकर दुनिया को एकता का संदेश देता है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश में राष्ट्र अथवा धर्म हित की हर पहल में विश्व का हित स्वतः निहित रहता है। इसलिये ऐसे विशेष अवसरों पर हमें सामंजस्य बनाकर विश्व को एकता का संदेश देना चाहिये। यही युगधर्म है। उन्होंने आगे कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण एक वैश्विक चेतना का आधार बनेगा। – श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी

संशोधित: चंद्रचूड़ की जगह बदलते हुए—-तमाम हस्तियां पहुंची, कुछ रास्ते मे
जनमत जागरण @ अयोध्या श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से अपने अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि वाले अनेक विशिष्ट लोगों के पहुंचने की सूचना श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और प्रशासन को प्राप्त हुई हैं। इसमें खेल,विज्ञान, कला, उद्योग जगत समेत विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियां हैं।इसमें पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रतिभा पाटिल, पूर्व उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व स्पीकर मीरा कुमार,सुमित्रा महाजन,उद्योग जगत से मुकेश-नीता अंबानी, लक्ष्मी निवास मित्तल, नसली वाडिया,गौतम अडानी, अजय पीरामल, अनिल अग्रवाल, रेखा झुनझुनवाला,आदि गोदरेज, एलएनटी के चेयरमैन ए.एम नाइक सुधा मूर्ति,सुनील मित्तल,खेल जगत से सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, के शिवन, रविन्द्र जडेजा, पी.टी.ऊषा, सुनील गावस्कर, सायना नेहवाल,विज्ञान क्षेत्र से के कस्तूरीरंगन, मेट्रोमैन ई.श्रीधरन शिक्षाविद टी.वी.मोहनदास पई कला क्षेत्र से अमिताभ व अभिषेक बच्चन, रजनीकांत ,हेमा मालिनी,आशा भोंसले,उषा मंगेशकर, अरुण गोविल, प्रसून जोशी, शंकर महादेवन, सुभाष घई, अनुराधा पौडवाल, सैन्य सेवा से मनोज मुकुंद नरवणे,एस पद्मनाभन, राम मंदिर के वास्तुकार चंद्रकांत भाई सोमपुरा, न्याय जगत से डी.वाई चंद्रचूड़ शरद अरविंद बोबड़े, यू.आर.ललित, महेश जेठमलानी, तुषार मेहता, अरुण पुरी, रामलला के वकील रहे रविशंकर प्रसाद आदि शामिल हैं।

प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का छठा दिन, 114 कलशों के औषधीय जल से प्रतिमा का हुआ स्नान
जनमत जागरण @ अयोध्या श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान छठवें दिन रविवार को सुबह नौ बजे से जारी है। आज 114 कलशों में औषधियुक्त जल एवं देश के विभिन्न तीर्थों से लाये गये पवित्र जल से श्रीरामलला की मूर्ति का स्नान सम्पन्न हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में नित्य के पूजन, हवन और पारायण के साथ आज की पूजा प्रक्रिया प्रारम्भ हुई, जो शाम तक जारी रहेगी। श्रीरामलला के विग्रह को आज मध्याधिवास में रखा गया। आज ही रात्रि जागरण अधिवास भी शुरू होगा। श्रीरामलला के पुराने विग्रह की भी पूजा यज्ञशाला में चल रही है। चेन्नई, पुणे सहित कई स्थलों से मंगाये गये विविध फूलों से पूजन का अनुष्ठान सम्पन्न कराया जा रहा है। आज की पूजा में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से अनिल मिश्र सपरिवार और विश्व हिन्दू परिषद के अध्यक्ष डा. आर. एन. सिंह एवं अन्य लोग पूजा अनुष्ठान सम्पन्न कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की प्रक्रिया 16 जनवरी को दोपहर बाद सरयू नदी से प्रारम्भ हुयी थी और 17 जनवरी को श्रीरामलला की मूर्ति का मंदिर परिसर में आगमन हुआ था। सोमवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान सम्पन्न होगा।



