फर्जीवाड़ा : सहकारी विभाग में अजब गजब अंधेरगर्दी ! जानकारी जुटाई गई तो कई चोंकाने वाले खुलासे हुए ..?
• वेतन पर ही 2 से तीन करोड़ खर्च, किससे होगी वसूली
• 146 सह.संस्थाओं में धांधली तो कार्यवाही क्यों नहीं
• जानकारी ली तो कई चोंकाने वाले खुलासे हुए
• नियमों को ताक में रखकर फूंके के करोड़
• विधायक द्वारा विधानसभा में जानकारी मांगे जाने के बाद अब इन संस्थाओं में मचा हड़कम्प
जनमत जागरण @ सुसनेर से संजय जैन की रिपोर्ट : विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली करीब 25 सहकारी संस्थाओं में वर्ष 2018 के बाद से नियमों को ताक में रखकर की गई नियुक्तियों व पदोन्नति की जानकारी स्थानीय विधायक भैरोसिंह परिहार ‘बापु’ द्वारा विधानसभा में मांगे जाने के बाद अब इन संस्थाओं में हड़कम्प मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार मनमर्जी व सांठगांठ से नियुक्त किये गए करीब 6 दर्जन कर्मचारियों को हटाने के लिए सहकारिता विभाग के अधिकारियों के द्वारा सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष को लेटर जारी कर सात दिन की अवधि में इन कर्मचारियों को हटाने के आदेश दिए गए है इसके लिए अब वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जांच भी जा रही है।

जानकारी जुटाई गई तो कई चोंकाने वाले खुलासे हुए
सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधायक ‘बापु’ को क्षेत्रवासियों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि सहकारी संस्थाओं में सांठगांठ से नियुक्त हुए कर्मचारियों द्वारा भारी गड़बड़ियां की जा रही है। जिसके चलते विधायक द्वारा वर्ष 2018 के बाद दैनिक वेतनभोगी के रूप में सहकारी संस्थाओं में नियुक्त किये गए कर्मचारियों की जानकारी विधानसभा के जरिए मांगी गई थी, साथ ही इन्हें किन नियमों के तहत नियुक्त किया गया व पदोन्नति की गई, यदि नियम विरुद्ध इनकी नियुक्ति व पदोन्नति की गई है तो दोषियों पर क्या कार्यवाही की जाएगी। विधायक द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद जब इन सहकारी संस्थाओं के वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जानकारी जुटाई गई तो कई चोंकाने वाले खुलासे हुए है। जानकारी के अनुसार 2018 के बाद करीब 25 संस्थाओं में 70 से अधिक कर्मचारी अयोग्य होने के बावजूद लगा दिए गए। अयोग्यता के बावजूद कुछ को संस्था प्रबंधक जैसा महत्वपूर्ण प्रभार भी सौंप दिया गया, तो करीब 3 कर्मचारियों की पदोन्नति कर दी गई। मामले का खुलासा होने के बाद इन्हें हटाया जा रहा है।
•• जिला रजिस्टार सहकारिता एन एस भाटी के अनुसार वर्ष 2018 के बाद नियम विरुद्ध नियुक्त किये गए कर्मचारियों को हटाने के आदेश जारी कर दिए गए है। शीघ्र ही इन्हें हटा दिया जाएगा।
•• 146 सहकारी संस्थाओं में है धांधली तो सबमें कार्यवाही क्यों नहीं
सहकारी संस्थाओ में धांधली का यह खेल आगर और शाजापुर जिले की कुल 146 संस्थाओं में खेला गया है यह आशंका इसलिए पैदा हो रही है की दोनो जिलों की यह संस्थाएं जिस जिला सहकारी बैंक के अधीन कार्य करती है वह एक ही है आगर और शाजापुर जिले के जिला सहकारी बैंक का मुख्यालय शाजापुर में ही है आगर विधानसभा की सहकारी संस्थाओं में भी 2018 से अभी तक की भर्ती की जांच करके उचित कार्यवाही करे तभी इस मामले में सहकारिता विभाग और शासन के जिम्मेदार अपनी कार्यवाही को सही ठहरा पाएंगे नहीं तो सारी कार्यवाही अदालत तक भी पहुंच सकती है ।
•• वेतन पर ही 2 से तीन करोड़ खर्च, किससे होगी वसूली
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल इन दिनों 70 से भी अधिक कर्मचारियों के वेतन पर ही 2 से 3 करोड़ खर्च हो चुके है अब अगर इन नियुक्ति को अवैधानिक मानकर हटाने के आदेश दिए है तो दिए गए वेतन की राशि का क्या होगा और विभाग के वे अधिकारी जो चुपचाप इस सारे खेल को खामोश होकर अपने फायदे के चलते देख रहे थे उनका क्या होगा उन पर कोई कार्यवाही होगी भी या नहीं ।



