मैं वापस आऊंगा…NSG कमांडो हुए सेवानिवृत्त , नगर आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

🟠 युवा हमारे देश की रीढ़ है, वह सेना को अपना कैरियर बनाएं, देश का सम्मान कायम रखें -NSG कमांडो अशोक कुभंकार🟠 एनएसजी कमांडो का मतलब कामयाबी की गारंटी , कामयाबी की कथा लिखते हैं एनएसजी कमांडो। 🟠 एनएसजी कमांडो का ध्येय वाक्य सर्वत्र-सर्वोत्तम-सुरक्षा
जनमत जागरण @ सोयतकलां :: मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में ,उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से ,गाँव की पीपल से, किसी के काजल सेकिया जो वादा था वो निभाऊंगा ,मैं एक दिन आऊंगा… देश भक्ति से सराबोर बॉर्डर फिल्म के गीत यह पंक्तियां शायद यही संदेश दे रही है । NSG कमांडो अशोक कुंभकार सेवानिवृत होकर कह रहे हैं कि मैं अपने गांव वापस आ गया हूं जो वादा किया उसको निभाया है । पिड़ावा रोड चौराहे पर एवं माधव चौक में स्वागत करने के लिए नगरवासी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे । पिड़ावा रोड चौराहे पर गणमान्य नागरिकों ,पत्रकारो नगर अध्यक्ष नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि पुष्करराज सिंह जादौन ,पार्षदों , पुलिस विभाग, व्यापारियों तथा अन्य नागरिकों द्वारा भव्य स्वागत किया गया ।

DJ पर देशभक्ति के गीतों से नगर में देशभक्ति का वातावरण निर्मित हो गया यह अवसर था स्पेशल फोर्स एनएसजी कमांडो अशोक कुंभकार के सेवानिवृत होने के बाद घर लौटने का । उनके आने की सूचना के बाद जगह-जगह लोग स्वागत सत्कार के लिए हाथ में माल लेकर चौराहे पर खड़े थे । 20 वर्षों तक देश की सेवा करते हुए शनिवार को NSG कमांडो अशोक कुंभकार सेवानिवृत हो कर अपने नगर पहुंचे ।

इस दौरान नगरवासियों ने पिड़ावा चौराहे पर कमांडो का फूल मालाओं से भव्य स्वागत कर नगर के प्रमुख मार्गो से डीजे की धुन पर जुलूस निकाला। माधव चौक में शिव लोक कल्याण समिति के पदाधिकारियों द्वारा भी भव्य स्वागत किया गया । स्वागत जुलूस नगर के मुख्य मार्गो से होता हुआ कमांडो के घर तक पहुंचा वहां पर जुलूस का समापन हुआ। समापन पर उनके बड़े भाई बाबूलाल कुंभकार और घनश्याम कुंभकार व परिजनों ने नगरवासियों द्वारा किए गए आत्मीय भव्य स्वागत के लिए हार्दिक आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया ।

🟠 जय हिंद डिफेंस एकेडमी द्वारा भव्य स्वागत :: देश के लिए सेना में भेजने के लिए ट्रेनिंग देने वाली नगर की जय हिंद डिफेंस एकेडमी संचालक राजेश गुर्जर व उनकी टीम द्वारा माधवचौक में कमांडो अशोक कुंभकार के साथ नगर के सभी सेवानिवृत फौजियों का भी फुल मालाओं से सम्मान किया। जुलूस में बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।

🟠 आपको बता दें कि समीपस्थ ग्राम देवली के निवासी पेंशनर शिक्षक बालचंद कुंभकार के सबसे छोटे सुपुत्र अशोक कुंभकार जो थल सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं । एनएसजी कमांडो अशोक कुंभकार ने 20 वर्ष तक अपनी सेवाएं थल सेना में दी । अशोक कुंभकार की नियुक्ति 2004 में थल सेवा में पदस्थ हुए थे । प्रथम नियुक्ति के बाद देश के विभिन्न स्थानों पर उन्होंने अपनी सेवाएं दी । यहां तक कि देश के अलावा विदेशों में भी अपनी सेवाएं देने के लिए सेना द्वारा भेजे गए थे ।

🟠 अपना अनुभव शेयर करते हुए NSG कमांडो अशोक कुंभकार ने कहा कि शौर्य पराक्रम व देशभक्ति की भावना देश के हर नागरिक के लिए जरूरी है। युवा हमारे देश की रीढ़ है, वह सेना को अपना कैरियर बनाएं, देश का सम्मान कायम रखें।

🟠 क्या है एनएसजी और एसपीजी कमांडो :: देश के प्रमुख व्यक्तियों की सुरक्षा में कई तरह की सुरक्षा एजेंसिया लगी रहती हैं । इन्हीं में से नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG)और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) भारत सरकार की दो एलीट यूनिट हैं । एसपीजी कमांडो प्रधानमंत्री के साथ साए की तरह रहते हैं । जबकि एनएसजी कमांडो का काम काउंटर टेररिज्म और उन वीआईपी और वीवीआईपी शख्सियतों को सुरक्षा प्रदान करना है जिन्हें जेड प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिली होती है । उनका नॉलेज और स्पेशलिटी देश की सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए महत्वपूर्ण है । NSG कमांडो को दुनिया की सबसे कुलीन और अच्छी तरह से ट्रेंड स्पेशल फोर्सेज यूनिट में से एक माना जाता है ।

NSG कमांडो बनने के लिए फिजिकल फिटनेस टेस्ट, हथियार से निपटने और निशानेबाजी टेस्ट के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, सभी चयन प्रक्रिया का हिस्सा है । नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो भारत सरकार (Government of India) के गृह मंत्रालय (Home Ministry) की एक स्पेशल फोर्स यूनिट है। इसकी स्थापना 1984 में आतंकवाद विरोधी अभियानों से निपटने और हाई रिस्क वाले VIP और इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षा प्रदान करने के प्राथमिक लक्ष्य के साथ की गई थी ।




