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जानिए गो-कथा के माध्यम : भगवान शिव का वाहन नंदी ही क्यों है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। जिस दिन शिव नही रहेगा तो हम शव बन जायेंगे। अभी काम, क्रोध, लोभ, मोह का आवरण चढ़ा है इस कारण शिव ढका है। इसी कारण हमारा जीवन में निरसता व्याप्त है। गोमाता की सेवा करने से इस आवरण को हटाया जा सकता है । गोमाता और नंदी महाराज की सेवा से हम भगवान को शीघ्र प्राप्त कर सकते है। सात्विक ऊर्जा का प्रवाह नंदी महाराज में रहता है। इसी कारण भगवान शिव का वाहन नंदी है । शास्त्रों में लिखा है शिव जी की पूजा करते समय नंदी जी की पूजा करने का विधान है। मंदिर में पत्थर के नंदी की पूजा से पहले यदि सड़क पर या गोशाला में असली नंदी की पूजा की जाए तो सबसे उत्तम है। श्रावण मास में शिव जी का भंडारा करते समय यदि वहां साक्षात नंदी जी आ जाए तो उन्हें भगाने की बजाए थाली में या टोकरे में भोजन प्रसाद रख कर पहले उन्हें जिमाए। इससे नंदी की ओर भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। नंदी भगवान को पीटने वाला नरक का दुख भोगता है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 124 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही।

🚩 स्वामीजी ने बताया कि गोमाता को सहलाना, चारा जिमाना, स्वच्छ पानी पिलाना, हरी हरी घास खिलाना, चीचड़ हटाना, गोमाता की चर्चा करना आदि करने से सतोगुण बढ़ता है। लोभ का त्याग करके इस प्रकार सेवा करने से निश्चित भगवान की प्राप्ति हो सकती है। सावन मास में बिल्व पत्र पर चंदन से राम नाम लिख कर शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव अत्यधिक प्रसन्न होते है।

🚩 आज श्रावण शुक्ला षष्टी पर शिवसहस्त्राहुती यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक हैदराबाद निवासी जसमत भाई पटेल द्वारा एकादश विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न हुआ । जसमत भाई Love for cow संस्था हैदराबाद के माध्यम से आस पास की गोशालाओं को सहायता प्रदान करते है। इस संस्था के माध्यम से हजारों गोमाताओं की निस्वार्थ भाव से सेवा की जा रही है । ऐसी संस्थाएं देश भर में बड़े पैमाने पर स्थापित करने की आवश्यकता है।

🚩अतिथि के रूप में श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी श्रीमती शारदा पुरोहित एवं श्री सन्तोष जी राजपुरोहित  एवं शैलेश राजपुरोहित बाड़मेर  व राजगढ़ जिले की ग्राम पंचायत बावड़ी खेड़ा के सरपंच श्री हिन्दू सिंह पंवार(ग्राम कुमारा),नारायण सिंह जी मंगलम गरोठ,अर्जुन सिंह जी (सरपंच), ढाकनी,कृपाल सिंह,नेपाल सिंह,मेहरबान सिंह ढाकनी आदि उपस्थित रहें । 
चित्र : गोकथा सुनाते स्वामी गोपालानंद सरस्वती, उपस्थित गौभक्त , गोभक्तो का सम्मान करते समिति सदस्य, गोकथा में गोमाता को चुनड़ ओढाती गोभक्त
🚩124 वे दिवस पर चुनरी यात्रा  मध्यप्रदेश  के आगर जिले  से -  एक वर्षीय गोकृपा कथा के 124 वें दिवस पर  मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील के सोयतकलां से ओमप्रकाश भावसार के सुपोत्र एवं कैलाश भावसार के सुपुत्र विरंजीव वरुण के जन्मोत्सव पर छपन्नभोग के साथ चुनरी यात्रा व सुसनेर तहसील के परमार खेड़ा से श्रीराम समिति एवं समस्त ग्रामवासी परमार खेड़ा के रोडमल पटेल, भगवान सिंह,गोरधन सिंह,देवीसिंह,प्रेम सिंह पटेल, कनीराम, चन्दर सिंह,राजेश,शंकर,कमल सिंह,नारायण सिंह,मनीराम , भागू सिंह,,भेरू मेघवाल,,राहुल,नरवर सिंह, एलकार एवं दांत सिंह, श्याम सिंह एवं प्रेम सिंह परमार के साथ ग्राम के सैकड़ों युवा, मातृशक्ति एवं वृद्धजन अपने  देश,राज्य एवं ग्राम के जन कल्याण के लिए डीजे के गाजे बाजे के साथ  भगवती गोमाता के लिए छपन्नभोग लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन  करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।

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