5000 हजार से अधिक गोवंश को वैदिक रक्षा सूत्र बांधकर मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व

🚩भ्रष्टाचार ने भारत की जड़ों को कमज़ोर किया है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। आज ऐसे महापुरुष के खोने का दु:ख है ,जिन्होंने भारत से बाहर रहकर भी भारत के अंदर व्याप्त आतंकवाद को खत्म करने के लिए संघर्ष किया। “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हे आजादी दूंगा” ऐसा नारा देने वाले महापुरुष सुभाष चंद्र बोस को शत शत नमन। आज ही के दिन देश ने इस महापुरुष को हमेशा हमेशा के लिए खो दिया था। सुभाष चंद्र बोस ने जापान के साथ मिलकर एक मजबूत सशस्त्र सेना का गठन किया था । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्स के 132 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही ।

- 🚩 स्वामीजी ने आगे बताया कि भारत की जड़ों को कमजोर करने में सबसे बड़ी भूमिका भ्रष्टाचार की रही है, इसी के कारण आज हर तरफ समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। गोमाता की सेवा से सभी तरह की समस्याओं का निवारण आसानी से किया जा सकता है। किसी देवता की पूजा से धर्म लाभ होता है, किसी अन्य देवता की भक्ति से अर्थ लाभ होता है लेकिन गोमाता देवताओं की भी देवता है जिनकी सेवा भक्ति से धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों प्राप्त हो सकते है।
🚩 स्वामीजी ने बताया कि भारत मंदिरों का देश है। कभी हमारा देश मंदिरों से चलता था। अकाल पड़ने पर उस क्षेत्र के लोगो को भोजन मंदिरों से प्राप्त होता था। अर्थ व्यवस्था का प्रमुख केंद्र मंदिर ही थे लेकिन समय के साथ योजनाबद्ध तरीके से मंदिरों को नष्ट करने का घिनौना कृत्य राष्ट्र विरोधि ताकतों द्वारा किया गया ।
🚩 स्वामीजी ने कहां कि लोक कल्याण का काम वही कर पाएगा जिसमे सतोगुण होगा। सतोगुण तभी आता है जब गोमाता का सानिध्य मिलता है। प्रत्येक जनसेवक को घर में गईया रखकर उसकी सेवा करनी चाहिए अगर यह संभव नहीं है तो नजदीकी गोशाला में एक गोमाता की सेवा का खर्च वहन करना शुरू करे। निष्काम भाव से की जाने वाली सेवा का फल बहुत अधिक मिलता है। भक्ति के लिए जरूरी है सेवा। महिने में एक बार गोशाला जाकर या सड़क पर घूम रही गोमाता को हरा चारा अवश्य जिमाना चाहिए। गरुड़ पुराण में लिखा है कि ऐसा करने से पापो का नाश होता है।

⏩ रक्षाबंधन के पुण्य पर्व पर अभयारण्य में विराजित सभी 5000 हजार से अधिक गोवंश को वैदिक रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा साथ ही पूज्य महाराज जी ने सभी से आह्वान किया कि इस बार आप केवल वैदिक राखी ही से रक्षाबंधन मनाएं मार्केट में जो चाइना राखी आ रही है उसका बहिष्कार करें क्योंकि अगर हम चाइना की राखी खरीदते है तो हम अपने पैरो में कुल्हाड़ी मारकर स्वयं आतंकवाद को न्यौता दे रहें है
⏩ अतिथि :: 132वे दिवस पर अतिथि के रूप में श्री प्रदीप कुमार शर्मा(आयुर्वेदा)NRC सुनरख गांव रोड़ वृन्दावन एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के न्यासी श्रीमति कविता जी मूंदड़ा एवं अशोक जी मूंदड़ा इन्दौर उपस्थित रहें
⏩ श्रावण शुक्ला चतुर्दशी पर शिवसहस्त्राहुती यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक श्री नारायण सिंह (गोसेवक सरपंच) ने अपने परिवार के साथ विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न करवाया।

🚩 132 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के इन्दौर ,देवास, आगर एवं राजगढ जिले की ओर से ⏩ एक वर्षीय गोकृपा कथा के 132 वें दिवस पर चुनरी यात्रा इन्दौर निवासी श्री अशोक एवं श्रीमति कविता मुंदड़ा ने स्वर्गीय प्रह्लाद जी मूंदड़ा की स्मृति में , देवास जिले के कुक्षी निवासी श्रीमति मनोरमा, श्याम सुन्दर गुप्ता,(भानपुरा वाले), आगर जिले के सोयत कलां से अरविन्द भावसार ने अपनी पुत्री प्रांशिका के जन्मदिवस के उपलक्ष में श्रीमती शीतल भावसार,अनिल भावसार श्रीमति सुनीता भावसार, बहिन सीमा भावसार ,दामाद राहुल भावसार एवं पुत्र पीयूष, आयुष भावसार व पुत्री अर्पणा व राजगढ जिले की जीरापुर तहसील ग्राम पिपल्या कुलमी से नरेन्द्र जोशी, मुकेश पाटीदार, मुकेश आचार्य, गोर्वधन पाटीदार, जयनारायण पाटीदार, शिवनारायण दांगी,रामबाबू डांगी,गोपाल पाटीदार,गणपत पाटीदार,जगदीश जोशी, घनश्याम जोशी, हनुमान पाटीदार एवं फूलचंद पाटीदार के साथ ग्राम की सेंकड़ों मातृशक्ति,युवा अपने देश,राज्य एवं ग्राम/नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए छपन्नभोग एवं चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



