कोई चलता पद चिन्हों पर कोई पद चिन्ह बनाता है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

🚩 सनातनियों सावधान ..? क्योंकि सांप से सपोला ही पैदा होगा , न की नेवला ।
जनमत जागरण @ सुसनेर। समाज के सामने कोई पहल की जाएं तो उसका अनुसरण करने को समाज तैयार है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण विश्व के इस गो अभयारण्य में पांच हजार से अधिक गोवंश को राखी बांधने का जो दृश्य कल पूरे देश ने आस्था चैनल, धेनु टीवी चैनल एवं पथमेड़ा यू ट्यूब चैनल के माध्यम से गो माताओं को राखी बांधने का दृश्य देखा तो देश की अनेकों गोशालाओ से भी राखी बांधने का समाचार मिला अर्थात कोई चलता पद चिन्हों पर कोई पद चिन्ह बनाता है, हैं वही सुरमा इस जग में जो दुनियां में पूजा जाता है यानि पहल करने वाला चाहिए समाज अनुसरण करने को तैयार है बैठा है। उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्स के 134 वे दिवस पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती महाराज ने कही।

🚩 स्वामीजी ने आगे बताया कि जैसे ही सनातनियों ने गो को त्यागकर उसको घर से बाहर निकालकर सड़क पर छोड़कर महिषी(भेस) का दूध पीना शुरू किया है और सनातनी परंपराओं को छोड़ा है,तब से सनातन समाज में कायरता एवं आलसीपन ने प्रवेश कर लिया है और इस कायरता का लाभ उठाकर विधर्मी हम पर आए दिन आघात कर रहें है, जिसका अभी हाल में ताजा उदाहरण राजस्थान के मेवाड़ के उदयपुर में एक दसवी कक्षा के बालक द्वारा बांग्लादेश की विभीषिका की कविता के माध्यम से चित्रण करने पर उसी की कक्षा में पढ़ने वाले एक विधर्मी के उन्मादी बालक जिसकी आयु 16-17 साल की होगी उसने उस बालक को बेरहमी से चाकू से गोदकर घायल कर दिया और आज उसकी हॉस्पिटल में मृत्यु हो गई ।
🚩सनातनियों सावधान ..? क्योंकि सांप से सपोला ही पैदा होगा , न की नेवला :: स्वामीजी ने बताया कि हम इस घटना से सबक ले क्योंकि सांप का बच्चा 6 दिन से सातवें दिन का हो जाएं और आठवें दिन वह किसी को डस ले तो उसकी मृत्यु भी बड़े सांप के डसने जैसी ही होती है इसलिए हमें विधर्मियो से सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि सांप से सपोला ही पैदा होगा न की नेवला । यानि जिस उदयपुर में एक वर्ष पूर्व एक विधर्मी मित्र ने एक दर्जी मित्र की गर्दन काटकर हत्या कर दी थी, उसी उदयपुर में यह दूसरी घटना है और अब सनातनियों को इन विधर्मियों से सावधान रहने की आवश्यकता है ताकि किसी अन्य के बालक के साथ इस प्रकार की घटना की पुनरावृति न हो ।
⏩ आगामी कर्यक्रम :: स्वामीजी ने बताया कि आगामी 25,26 एवं 27 अगस्त 2024 को गो अभयारण्य में "त्रि- दिवसीय जन्माष्टमी महामहोत्स" का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आप सभी अपने एवं ईष्ट मित्र ,रिश्तेदारों के परिवार सहित पधारकर इस महा महोत्सव का लाभ उठाएं । भाद्रपद कृष्णा प्रतिपदा पर शिवसहस्त्राहुति यज्ञ ,पार्थिव शिव लिंग पूजन एवं रुद्राभिषेक सूरत (गुजरात)निवासी श्री मदन जी, ताराचंद जी चांडक के परिवार की और से विप्रजनों के माध्यम से सम्पन्न हुआ

⏩134 वे दिवस पर चुनरी यात्रा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा, जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 134 वें दिवस पर चुनरी यात्रा छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में सारागांव में स्थित कामधेनू गो सेवा धाम जिसमें दुर्घटनाग्रस्त एवं बीमार गोवंश की सेवा होती है, उस गोसेवा धाम की समिति से धनेश्वर प्रसाद यादव, शान्तिलाल यादव,बलदेव सिंह राठौर एवं सन्तोष राठौर ने अपने परिवार, देश,राज्य एवं ग्राम/नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



