तिरुपति बालाजी के लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी सनातन धर्म को भ्रष्ट एवं कमज़ोर करने का षडयंत्र है – स्वामी गोपालानंद सरस्वती

जनमत जागरण @ सुसनेर। भारत के सबसे समृद्धशाली मन्दिर श्री तिरुपति बालाजी मंदिर,जिसमें प्रतिदिन साढ़े तीन लाख लड्डू का भोग लगता है उन लड्डूओं में चर्बी पाई गई है ऐसा लेब टेस्ट से साबित हो गया है । हमारे धार्मिक मंदिरों में इस प्रकार षड़यंत्र सनातन को कमजोर करने की सोची समझी गहरी साजिश है , मुगलकाल में भी इसी प्रकार का षड्यंत्र रचा गया था अर्थात उस समय भी हमारे जल स्त्रोतों एवं हमारे आराध्य के स्थान मंदिरों में गोमांस डालकर हमारी देवी शक्तियों को कमजोर करने का षड्यंत्र होते थे ,तिरुपति मंदिर सहित देश के कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक के सभी सनातनी परंपराओं के आराध्य स्थल पर चर्बीयुक्त प्रसाद वितरित करना भी उसी प्रकार की मानसिकता का गहरा षड्यंत्र है और इससे बचने का केवल एक मात्र विकल्प है कि देश के हर बड़े मंदिर की एक निजी गोशाला हो ताकि भगवान को लगने वाला भोग व दीपक गोशाला से प्राप्त दूध व घी से लगाया जा सकें । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 166 वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही ।
- 🚩स्वामीजी ने देश के सभी सनातनियों से किया आह्वान :: स्वामीजी ने बताया कि हमारे पूर्वज पूर्व में गोमाता इसलिए रखते थे ताकि उनके गव्यो से भगवान को भोग लगा सकें और स्वामीजी ने देश के सभी सनातनियों से आह्वान किया कि देश के किसी भी धार्मिक मन्दिर पर बाजार का या डेयरी एवं बाजार से लाएं गए घी से बने प्रसाद का भोग भगवान के नही लगाएं या तो केवल नारियल का प्रसाद अथवा अपने घर की गोमाता के गव्य से निर्मित प्रसाद ही हमारे आराध्य को लगाएं ।
🚩 स्वामीजी ने श्राद्ध कर्म के स्थान के बारे में बताते हुए कहां कि श्राद्ध कर्म के लिए सबसे श्रेष्ठ स्थान गोशाला है उसके बाद संगम तट व वन है और उक्त तीनों स्थान में किन्ही कारण से हम श्राद्ध कर्म नहीं कर पाएं तो श्राद्धकर्म के लिए चौथा स्थान अपना निज घर है लेकिन निज घर में श्राद्ध कर्म करने से पहले उसकी पवित्रता जरूरी है क्योंकि जहां जहां मनुष्य पहुंचा है वह स्थान अपवित्र हुआ है । यानि इस संसार में सबसे श्रेष्ठ प्राणी भी मनुष्य ही है और सबसे निम्नतर प्राणी भी मनुष्य ही है और जिस स्थान पर बैठकर हम बुरा सोचें तो वह स्थान भी अपवित्र हो जाता है इसलिए अगर निज घर में श्राद्ध कर्म करना है तो पहले उस स्थान को गायमाता से पवित्र करना होगा अर्थात घर में गोमाता अथवा नन्दी बाबा को साक्षी रखकर उनके गोमय व गोमूत्र से घर को पवित्र कर अपने पित्रों का तर्पण कर पितृदेव को गो गव्य से निर्मित प्रसाद का भोग लगाकर उस प्रसाद को गोमाता अथवा नंदीबाबा को भोग लगाना चाहिए ।
🚩 165 वें दिवस पर गोलोकवासी पूज्य अविराम दास जी महाराज के गादी पति पूज्य स्वामी प्रद्युम्नदास जी महाराज हरिद्वार ने अपने आशीर्वचन में बताया कि श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संरक्षक एवं संस्थापक परम श्रद्धेय गो ऋषि स्वामी दत्तशणानन्द जी महाराज एवं राष्ट्रीय संयोजक ग्वाल सन्त स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के पावन सानिध्य में एशिया का यह गो अभयारण्य विश्व के प्रथम गो अभयारण्य बन गया है और आज यहां 6000 गोवंश की मातृत्त्व भाव से सेवा हो रहीं है और गोमाता के इस अलौकिक धाम में आकर मैं भी धन्य हो गया हूं
⏩ शरद पूर्णिमा पर भव्य शरदोत्सव एवं मां करणी मैया का प्रगट उत्सव का होगा आयोजन :: स्वामीजी ने सभी श्रोताओं को बताया कि आने वाले अश्विनी नवरात्रि में गो अभयारण्य में श्री हनुमत यज्ञ का आयोजन होगा तथा नवरात्रि की सप्तमी 10अक्टूबर को मां करणी मैया का प्रगट उत्सव मनाया जाएगा और 17 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा पर भव्य शरदोत्सव का आयोजन होगा जिसने साक्षात भगवान श्रीकृष्ण ब्रज से गो अभयारण्य पधारेंगे ।

⏩ अतिथि:: गायत्री परिवार ट्रस्ट भवानीमंडी से अभिषेक व्यास,सुनील सूर्यवंशी,सुरेश नागर,मांगी लाल कुमावत,अर्जुन सिंह खींची व श्री कबीर धर्म स्थान खरसिया (राजगढ) से चेतनदास साहेब एवं झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील के कोटड़ी ग्राम में स्थित श्री कृष्ण गोशाला के संचालक व ग्राम पंचायत के सरपंच हरिराम गोचर, उप सरपंच भंवर सिंह सिसोदिया,वार्ड पंच महेश कुमार सेन व मोहन गांव के श्यामसुन्दर राजपूत आदि अतिथि उपस्थित रहें । श्राद्ध पक्ष के चतुर्थ दिवस पर महाराष्ट्र के वाशिम से स्वर्गीय गेंदालाल जी एवं स्वर्गीय तापीराम जी डीडवानी की पुण्य स्मृति में उनकी श्राद्ध तिथि चतुर्थी पर कृष्णा पूनम,निष्ठा,राधिका, गोविन्द डीडवानी गोत्र कश्यप की और से 02 वृक्ष लगाएं गए ।

⏩ 166 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के राजगढ़ एवं आगर मालवा जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 166 वें दिवस पर राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील के बाढ़ गांव से ग्राम पंचायत प्रतिनिधि बीरम सिंह सरपंच,कैलाश सिंह,बालकिशन, हिन्दू सिंह, पर्वत सिंह, राजेन्द्र चोरसिया, भगवान सिंह राणा,महेश गुप्ता, गिरिराज वैष्णव, फूल सिंह, नरवर सिंह, दुलेसिंह, महेन्द्र परमार,रवि मीणा,भगवान सिंह परमार, बालू सिंह बोडाना एवं पर्वत सिंह गेहलोत व आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील के सोयत कलां से महिला मंडल सहित बाढ़ गांव एवं सोयत कलां से सैंकड़ों मातृशक्ति व युवाओं ने अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



