दिव्य अलौकिक गोकथा: गोमाता के कारण हमारा देश समृद्धशाली था,ओर भारत की आर्थिक रीढ़ की हड्डी रही है गोमाता

🚩गो अभयारण्य में 3 अक्टूबर को होगी केशव नन्दी बाबा की सगाई - स्वामी गोपालानंद सरस्वती
जनमत जागरण @ सुसनेर। शिव शक्ति के बिना नहीं रह सकती और शक्ति शिव के बिना नहीं रह सकती और विष्णु शिव के बिना नहीं रह सकते तो फिर सेव शिव, सात्व एवं वैष्णव के बीच किस बात का झगड़ा। खत्म करके हम अभी सनातनी है इसके लिए हम सबको सनातनी होने पर जोर देना चाहिए और इससे हमारे सनातन की शक्ति मजबूत होगी । गोमाता सनातन की महत्त्वपूर्ण शक्ति है इसलिए जिसने गोमाता से प्रेम कर लिया समझ लो उसकी सनातन के प्रति अपार श्रद्धा उत्पन्न हो गई है । हमारे ईष्ट भी गो से जुड़े। है और हमारे संस्कार भी गो से जुड़े हुए है इसलिए गोभक्तो का दर्शन गोविन्द के दर्शन के ही बराबर माना है । उक्त बातें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 174 वे दिवस के अवसर पर श्रोताओं को सम्बोधित करते हुए स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने कही।
🚩 पूज्य महाराज जी ने भगवती गोमाता को कष्ट देने वाले लम्पीरोग के बारे में दुःख प्रगट हुए बताया कि चाइना जैसी दुष्ट शक्तियों द्वारा भारतीय संस्कृति के मूल आधार स्तम्भ वेदलक्षणा भगवती गोमाता को नष्ट करने का यह षड्यंत्र है क्योंकि देवभूमि भारत की आर्थिक रीढ़ की हड्डी गोमाता ही रही है और पुराने समय में हमने सुना पढ़ा भी है कि भारत में दूध की नदिया बहती थी अर्थात गोमाता के कारण भारत समृद्धशाली था लेकिन बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मकड़जाल में हमारी सरकारों ने हरित क्रांति एवं स्वेत क्रान्ति के बहरूपिए ने सबसे बड़ा आघात हमारी वेदलक्षणा गोमाताओं को नष्ट करने का काम किया है और अब चाइना जैसे देशों ने हमारी शक्ति को कमजोर करने के लिए अपनी लेबोलेट्री में लम्पी का वायरस तैयार किया है जो केवल भारतीय वेदलक्षणा गोमाताओं को ही यह वायरस परेशान करता है बाकि गाय जैसे दिखने वाले विदेशी पशु होलिस्टीन अथवा अंग्रेजी पशु(पूतना) पर इसका कोई असर नहीं है ।
🚩 स्वामीजी ने देश के सभी गोसेवको से लम्पीरोग से गोमाता को कष्ट न हों इसके लिए लम्पीरोग से बचाव के लिए गोमाता की प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए निम्न औषधीय लड्डू लगातार तीन दिन तक खिलाना चाहिए जिसकी निम्न मात्रा है 100 ग्राम घी100 ग्राम पिसी हुई शक्कर50 ग्राम काली मिर्च 50 ग्राम हल्दी इन सब को मिलाकर 50 - 50 ग्राम के लड्डू सुबह शाम तीन दिन तक गोवंश को देने है।यह सामग्री एक गोमाता के लिए रहेगी ।स्वामीजी ने आगामी 03 अक्टूबर 2024, गुरुवार आश्विनी शुक्ला प्रतिपदा को एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के गोबरपीठ पर विराजित आराधना गोमाता के गो वत्स केशव नन्दी बाबा के होने वाले सगाई समारोह की जानकारी देते हुए बताया कि 03 अक्टूबर को केशव बाबा की चार बछड़ियों को साथ सगाई समारोह होगा जिसमें वर पक्ष राजस्थान के झालावाड़ जिले की पिडावा तहसील का ग्राम सरखेड़ी रहेगा ।

⏩ अतिथि :: 174 वें दिवस पर पूज्य स्वामी शिवश्याम पुरी महाराज, हरियाणा,अचार्य डॉक्टर गौरी शंकर उपाध्याय देवघर झारखण्ड एवं देवास से रामभरोसे महाराज,तोताराम सिंधे आदि सन्त एवं सुभाष सक्सेना कंट्रीज कॉल न्यूज पेपर जयपुर, ललित राठौर पुत्र कल्याणमल राठौर छीपाबडौद, आदि अतिथी उपस्थित रहें । सीमा अग्रवाल पत्नी श्री प्रदीप अग्रवाल निवासी शक्ति एनक्लेव कावली देहरादून की पोत्री आरना के द्वितीय जन्म दिवस पर पूज्य स्वामीजी ने आशीर्वाद दिया ।

⏩ 174 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर एवं राजस्थान के कोटा जिले से :: एक वर्षीय गोकृपा कथा के 174 वें दिवस पर मध्यप्रदेश के आगर जिले की सुसनेर तहसील के सोयत से महिला मण्डल एवं राजस्थान के कोटा जिले की रामगंज मण्डी के चेचट से प्रहलाद कुमार,रामकुमार राठौर के सुपुत्र अभिषेक राठौर रामगंजमण्डी के जन्मदिवस पर सम्पूर्ण परिवार की और से अपने देश, राज्य एवं ग्राम, नगर के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।



