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सोयतकलां में गोवंश की मौतों पर प्रशासन सख्त, डिप्टी डायरेक्टर ने किया निरीक्षण, आमजन से की मार्मिक अपील

जनमत जागरण – News for Action
गोवंश की बिगड़ती स्थिति पर प्रकाशित विशेष रिपोर्ट के बाद नगर परिषद व पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आए। जांच टीम ने दौरा कर टीकाकरण व सुरक्षा की व्यवस्था की। यह रिपोर्ट सिर्फ खबर नहीं रही – यह एक्शन की शुरुआत बनी।

जनमत जागरण @ सोयतकलां
गायों की पीड़ा बनी चिंता का विषय: रेबीज का कहर जारी, डिप्टी डायरेक्टर ने किया निरीक्षण, आमजन से की भावुक अपील

नगर में गोवंशों की लगातार हो रही मौतों ने एक बार फिर समाज और प्रशासन को चिंतित कर दिया है। बुधवार को नगर में एक और गोवंश रेबीज से संक्रमित अवस्था में पाया गया, जिसे नगर परिषद की टीम ने तत्काल पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इससे ठीक एक दिन पहले मंगलवार को रेबीज से ग्रसित एक काले रंग की साठ की मौत हो गई थी।

इस बढ़ती समस्या को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को पशु चिकित्सालय आगर के डिप्टी डायरेक्टर आर.सी. पंवार स्वयं टीम के साथ नगर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान नगर पशु चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर दीपक मेहरा को उन्होंने तुरंत टीकाकरण अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।

डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि पहले नगर परिषद की टीम सभी बेसहारा गोवंशों को चिन्हित कर सुरक्षित स्थान पर एकत्र करेगी। इसके पश्चात पशु चिकित्सालय की टीम उन्हें रेबीज से बचाव के लिए टीके लगाएगी। यह कदम नगर में हो रही गोवंशों की अकाल मृत्यु पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा।

डिप्टी डायरेक्टर आर.सी. पंवार की आमजन से भावुक अपील:
“गाय हमारी आस्था ही नहीं, प्रकृति का आधार भी है। आज जिन गोवंशों की मौत हो रही है, उनमें से कई के पेट से पॉलिथीन के ढेर मिले हैं। ये दृश्य बेहद दर्दनाक होते हैं। मेरी सभी नगरवासियों से करबद्ध विनती है – कृपया प्लास्टिक, पॉलिथीन या गीले कचरे को खुले में न फेंकें। यह आपकी छोटी सी लापरवाही किसी गोवंश की जान ले सकती है। स्वच्छता और संवेदना दोनों जरूरी हैं – एक अच्छे नागरिक और एक संवेदनशील समाज के लिए। गोमाता की सेवा केवल पूजा से नहीं, व्यवहार से होती है।”


सार्थक चिंतन:
जब एक गोवंश भूख में कचरे में मुंह मारता है, और उस कचरे में पॉलिथीन निकलती है – तो वह केवल पाचन तंत्र नहीं, हमारा सामाजिक तंत्र भी जहर से भर जाता है। स्वच्छता, संवेदना और संरक्षण – यही गोसंरक्षण के तीन स्तंभ हैं। गोमाता की पीड़ा हमारे समाज का परीक्षण है। आइए, इस कसौटी पर खरे उतरें – एक थैली कम करें, एक जीवन बचाएं।


जनमत जागरण – News for Action:
यह केवल एक रिपोर्ट नहीं, एक चेतावनी थी। नगर में गोवंश की दुर्दशा को लेकर जनमत जागरण की रिपोर्टिंग ने सिर्फ सवाल नहीं उठाए, बल्कि समाधान की दिशा में प्रशासन को सक्रिय भी किया। यही है हमारी पत्रकारिता की पहचान — खबरें जो हरकत में लाएं।

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