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कवि/लेखकआगर मालवादेशमध्यप्रदेश

“पाकिस्तान, अब भी वक्त है सुधर जाने का – ‘हॅंसमुख’ की चेतावनी कविता” – विशेष रचना: डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख'(जनमत जागरण पोर्टल के लिए)


“पाकिस्तान सुधर जा – भारत की चेतावनी, शांति का संदेश”

डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’ की कविता में राष्ट्र की गर्जना

आज का हॅंसमुख गीत | विशेष प्रस्तुति

“मत टकराओ भारत से, सुधर जाओ पाकिस्तान”
भारत के शौर्य, संयम और संस्कृति को समर्पित यह कविता सिर्फ एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक संदेश भी है। प्रस्तुत है डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’ की प्रभावशाली पंक्तियाँ—


“पाकिस्तान ने कभी न देखी गुदड़ी, सपने में आ गई खाट,
देख लिए भारत के प्रहरी और बमबारी के झपट्टा ठाठ।
उड़ गए आतंकी ठिकानों के खरपच्चे,
न रहेगा बांस, न बजेगी बांसुरी – यह समझ गए पाकिस्तान के बच्चे-बच्चे।”

“पहलगाम पर झूठी कहानी नहीं चली,
संयुक्त राष्ट्र में हुई किरकिरी,
भारत की स्कैल्प मिसाइलों ने उड़ा दिए उनके सपने,
अब नींद भी रह गई धरी की धरी।”

“भारत जब प्रहार करता है,
तो इतिहास बनाता और दोहराता है।
राम, कृष्ण, महावीर, नानक की वाणी
शांति का पाठ पढ़ाती है, पर राष्ट्र रक्षा सर्वोपरि बताती है।”


‘हॅंसमुख’ की चेतावनी – यह वक्त है संभल जाने का,
शांति की राह अपनाने का,
नहीं तो भारत की वीरता का परिणाम –
नेस्तनाबूत होना तय है।


लेखक – डॉ. बालाराम परमार ‘हॅंसमुख’
(जनमत जागरण पोर्टल के लिए विशेष रचना)


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