कुंडालिया बांध में डूब में आए मकान और जमीन के मुआवजे की राशि नहीं डालने से नाराज ग्रामवासी
विभागों के चक्कर लगा – लगा कर हो रहे परेशान ग्रामवासी ,सुध लेने को तैयार नहीं अधिकारी
जनमत जागरण न्यूज @ नलखेड़ा
तहसील में लगने वाले ग्राम लटूरीउमट का यह पूरा मामला है जहां के ग्रामवासी कुंडालिया बांध डूबी अपनी जमीन की मुआवजा राशि अपने खाते में डलवाने के लिए हर संभव प्रयास कर चुके हैं परंतु उन्हें अभी तक निराशा ही हाथ लगी है।
मामला इस प्रकार है कि लटूरीउमट के ग्रामवासी पिछले कई महीनों से विभागों के चक्कर लगा रहे हैं तहसील कार्यालय पर आवेदन के बात हो या अनु विभागीय कार्यालय की बात हो या फिर जिला मुख्यालय की बात हो सभी जगह ग्रामीणों के द्वारा आवेदन दिया जा चुका है परंतु फिर भी अधिकारी अपनी आंख बंद कर कुंभकरण की नींद सोए हुए हैं। हालात इसलिए भी खराब हो जाते हैं कि उच्च अधिकारी अपना काम करते हैं परंतु उनके कर्मचारी इस पर टालमटोल कर अपने काम को ताक पर रख देते हैं और फिर ग्रामीण जन फिर दोबारा से वही प्रक्रिया अपनाने को मजबूर हो जाता है परंतु उसका निराकरण नहीं हो पाता है।
ज्ञात रहे कि कुण्डालिया बांध का निर्माण कार्य 2018 में पूर्ण किया गया था इसके पूर्व से ही अधिकारियों के द्वारा सर्वे का कार्य शुरू किया गया था तथा डूब में प्रभावित हुए लोगों को मुआवजा राशि वितरण का कार्य भेज शुरू कर दिया गया था उसके बावजूद अभी तक कई गांव के लोगों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पर क्षेत्रीय प्रशासन किस प्रकार की कार्यवाही करता है या लोगों को ऐसे ही विभागों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
ग्राम वासियों के द्वारा की जा रही हल्का पटवारी को हटाने की मांग
ग्राम वासियों के द्वारा हल्का क्रमांक 27 में पदस्थ पटवारी पवन कुशवाह को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीण जन आवेदन भी दे चुके हैं हम आपको बता दें कि ग्रामीण जनों का कहना है 11 जनवरी 2021 को राजपत्र में धारा 11 का प्रकाशन हुआ था तथा धारा 19 का प्रकाशन की कार्रवाई तत्पश्चात होने की थी जो पिछले 7 महीने से अनावश्यक रूप से विलंब किया जा रहा है और अभी तक धारा 19 से संबंधित दस्तावेज तहसील कार्यालय तहसील नलखेड़ा में संबंधित अधिकारियों के पास रखे हुए हैं तथा जब भी पटवारी जी से पूछा जाता है तो वह लोगों को भ्रमित करने का कार्य करते हैं और कहते हैं कि इस सप्ताह में हम अगले अधिकारियों को प्रेषित कर देंगे इसी प्रकार इससे पहले भी धारा 11 और धारा 19 का प्रकाशन हो चुका था परंतु इसी प्रकार इन्हीं कारणों से निर्धारित समय में उचित कार्रवाई नहीं करने की वजह से धारा रद्द हो गई इन्हीं मांगों को लेकर ग्राम वासियों के द्वारा अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन भी ग्रामवासी दे चुके हैं इस पर भी अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं।



