स्वच्छता अभियान की धज्जियाँ उड़ाता स्वास्थ विभाग
खुले में फेंकी अधजली दवाईयाँ
जिम्मेदार नहीं दे रहे इस ओर कोई ध्यान
जनमत जागरण न्यूज @ नलखेडा़
जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छता कार्यक्रम को पूरे देश में चलाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर नगर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के द्वारा स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

ज्ञात रहे कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के द्वारा भवन के पीछे खुले प्रांगण में एक्सपायर हो चुकी दवाईयाँ, इंजेक्शन इत्यादि को अधजली हालत में फेंका गया है। एक्सपायर दवाओं को खुले में न फेंक कर उन्है वैज्ञानिक तरीके से नष्ट करने का प्रावधान है। लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने दवाओं को खुले में फेंक दिया। अस्पताल भवन के पीछे जहाँ लोगो का आना जाना लगा रहता है। कानूनन किसी भी प्रकार का मेडिकल वेस्ट या दवाई खुलें में फेंकना अपराध की श्रेणी में है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के निकटतम नाले में अस्पताल का सारा कचरा फेंका जाता है। इस परिस्थिति में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ने की संभावना बनती दिखाई दे रही है। इसी तरह अस्पताल परिसर में भी गंदगी पसरी हुई है। अस्पताल के कोरीडोर में भी खुले में दवाईयाँ के बक्से रखे हुए है। एक प्रश्न यह भी उठता है कि क्या अस्पताल प्रबंधन के पास दवाईयों के रखने के लिए उचित स्थान भी नही है क्या ? एक तरफ देखा जाए तो कोरोना जैसे महाप्रकोप के बाद प्रदेश में डेंगू एवं मलेरिया महामारी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन की इस प्रकार की लापरवाही किसी भयानक संक्रमण को जन्म दे सकती है।

ऐसे हो सकता है नुकसान –
जानकारों के अनुसार दवा को फेंकना या उसे जलाना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। दवा तभी तक दवा है, जब तक उसकी एक्सपायरी डेट नहीं निकली। इसके बाद वह जहर के समान हो जाती है। यह पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है। दवाएं खुले में फेंकने से इसके पशुओं द्वारा खाने का खतरा रहता है। रासायनिक दवाएं हवा में घुलकर उसे जहरीला भी बना सकती है। विषेषज्ञ बताते है, कि दवाओं को जलाने से निकलने वाले धुएं से सांस, फेफड़ों, त्वचा संबंधी बिमारिया हो सकती है।
दवाओं को नष्ट करने का प्रावधान
एक्सपायरी दवाएं 120 दिन के भीतर कंपनी वापस ले लेती है, निर्धारित अवधि में दवा वापस नहीं करने पर इंसीनरेटर में नष्ट होती है।
इनका कहना –
जिला स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा बताया गया कि उक्त मामले की जानकारी आपके द्वारा मुझे प्राप्त हुई है। मुझे इसकी कोई जानकारी नही है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी
आगर मालवा



