राजस्थान

पाषाण से परमात्मा बनने वाले महोत्सव का हुआ शुभारंभ, पंचकल्याणक महोत्सव में पहले दिन निकली भव्य शोभा यात्रा

पंचकल्याणक माहोत्सव में गर्भ कल्याण का पूर्व रूप बताया व भव्य शोभायात्रा के साथ हुई शुभारंभ

जनमत जागरण न्यूज़ @ पिड़ावा

जैन दर्शन का सर्वोत्कृष्ट अनुष्ठान के रूप में यह पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ महोत्सव पाषाण से परमात्मा बनने वाले उपक्रम का महा महोत्सव है। पंचकल्याणक मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए पिड़ावा नगर दुल्हन की तरह सजाया गया है । पिड़ावा सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में श्री १००८ आदिनाथ मजिनेन्द्र जिन बिम्ब पंचकल्याणक प्राण प्रतिष्ठा एवं विश्व कल्याण महा यज्ञ एवं भव्यातिभव्य रथ परिक्रमा महोत्सव का मंगलमय गर्भ कल्याण की पूर्व की क्रियायें बताई गई। प्रवक्ता मुकेश जैन चेलावत, सौरभ जैन ने बताया की आज भगवान के गर्भ कल्याणक के पूर्व रूप का कार्यक्रम किया गया जिसमें आचार्य निमंत्रण ,देव आज्ञा, गुरु आज्ञा, के बाद भव्य शौभायात्रा मल्हार बाग नयापुरा से प्रारंभ हुई आगे बेण्ड बाजो के साथ नव युवक मण्डल भक्ति करते हुवे चल रहे थे उसके बाद हाथी पर भगवान की माता कान्ति बाई पिता केसरी मल ,सोधर्म इन्द्र सत्येंद्र जैन इन्द्राणी रजनी जैन, हाथी पर कुबेर इन्द्र दिनेश जैन ,इन्द्राणी मीना जैन व सभी इन्द्र, इन्द्राणी बगियो में बेठकर घट यात्रा पंचकल्याणक स्थल मल्हार बाग से होती हुई नयापुरा,खाण्डुपुरा,शेर मोहल्ले होती हुई । श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर नवीन जिनालय पहुंची ,जहां से भगवान की प्रतिमा पंचकल्याण स्थल मल्हार बाग लेकर आये इस शोभायात्रा में महिलायें सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थी व पुरूष वर्ग भक्ति करते हुवे चलरहे थे शोभायात्रा में जिनवाणी गुर्प की महिलायें भक्ति करते हुवे चल रही थी जहां पर मुनि १०८ श्री भूतबलि सागर महाराज, उपाध्याय ज्ञेय सागर, मुनि सागर , मुक्ति सागर ,मोनसागर महाराज , पंडित राजेश राज भोपाल व बा.ब. मजुला दीदी के पावन सानिध्य में पंचकल्याणक स्थल पर पंचकल्याणक समिति के अध्यक्ष पूर्व चेयरमैन राजेंद्र जैन परिवार द्वारा ध्वजारोहण किया गया उसके बाद
भगवान को पंच कल्याण स्थल की वेदी पर विराजमान किया गया उसके बाद पंचकल्याणक स्थल पर प्रकाश जैन दांता परिवार ने पांड़ाल का उदघाटन किया।
उदघाटन के बाद सकलीकरण ,इंद्र प्रतिष्ठा व दोपहर १:०० बजे याग मंडल विधान का आयोजन किया गया रात्रि में भक्तों ने मंगल आरती का भक्ति भाव के साथ आनंद लिया प्रवचन के बाद इंद्रसभा लगाई गई व माता के सोलह सपने दिखाये गये।

वात्सल्य भोजन

सुबह के भोजन के पूण्यार्जक मोराबाई,पारसकुमार परिवार की और से रहा। सोमवार को गर्भ कल्याण का उतर रूप कार्यक्रम यह रहेगा ।

मंगल प्रवचन, अभिषेक

प्रातः जाप अनुष्ठान,भगवान का अभिषेक,शान्तिधारा,नित्य नियम पूजन,गर्भ कल्याणक पूजन परम पूज्य १०८ श्री भूत बलि सागर के मंगल प्रवचन,दोपहर में भगवान की माता बनी कान्तिबाई की गोद भराई,मंगल प्रवचन,रात्री मेंआरती प्रवचन ,नाभिराय का राज दरबार,गर्भकल्याण का उतर रूप,स्वपनो का फल आदि दिखाया जायेगा।

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