राजस्थान में प्रवेश से पहले मालवा के प्रसिद्ध व्यंजन राबड़ी का राहुल ने चखा स्वाद
अरे वाह..यह है क्या मक्का की राबड़ी ..बहुत जोरदार है स्वाद
जनमत जागरण न्यूज @ सोयतकलां
राहुल गांधी ने पूछा …अरे यह सफेद सफेद क्या खीर है … नहीं यह मक्का की राबड़ी है – अरे वाह.. मक्का की राबड़ी का बहुत जोरदार स्वाद है । यह सब ले चलो बाद में भी खाएंगे ।
राहुल गांधी ने दोपहर 3 बजे मालवा का प्यारा भोजन धन मक्काकी राबड़ी का स्वाद चखा । पहले खीर समझकर एक चम्मच खाई जब स्वाद अच्छा लगा तो बड़ेचाव के साथ राहुल ने राबड़ी खाई और राबड़ी तारिफ की । राबड़ी का स्वाद प्रदेश कांग्रेसके कई दिग्गज नेताओं ने भी लिया । लीलाबाई द्वारा चुल्हे पर बनाई गई राबडी को राहुलने गाय के दूध के साथ उसका सेवन किया । होटल के संचालक सुरेश चंद्र दांगी ने बतायाकि पहले चम्मच खाई बाद में अच्छा स्वाद लगा तो पूरी कटोरी खाई और बाद में साथ में लेकर भी गए ।यह पहला ही मौका था जब गांधीपरिवार के किसी सदस्य द्वारा मालवा का प्रसिद्ध भोजन मक्का की राबड़ी का सेवन किया।खाने से पहले किया एसपीजी ने चेक म.प्र. के बरहानपुर में प्रवेश के बाद से ही एसपीजी ने राहुल गांधी केखाने को लेकर सर्तकर्ता शुरू कर दी थी। पहले यह कहा जा रहा था कि राहुल गांधी जिस क्षैत्रमें जाएगे वहॉ का खाना खाएगें किन्तु म.प्र. में एसपीजी के आदेश के बाद यह बहुत कमसंभव हो सका था। राहुल गांधी के भोजन बनाने से लेकर उनके खाने तक की चेकिंग एसपीजीकी निगरानी ही में होती हैं। यही वजह हैं कि मालवा के इस खास व्यजन मक्का की राबडीको खाने से पहले कुछ लोगों द्वारा चेक किया गया। चेकिंग से संतुष्ट होने के बाद व उसकासेवन राहुल गांधी के द्ववारा किया गया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व अन्य नेता चूके स्वाद लेने से चुके
आगर जिले के सुसनेर विधानसभा क्षेत्रमें पहुंचेंने दोपहर में खाने के बाद राहुल गांधी ने नये व्यजन का स्वाद लिया किन्तुअन्य कोई नेता जिसमें दिग्वजिय सिंह,अशोक गेहलोत आदि शामील हैं। मालवा के इस व्यजनका स्वाद नही ले सकें। क्योंकि वे यात्रा के पडावा महाकांल ढाबे पर मौजूद नहीं थें।



