मर्यादा का पालन कर ‘नारी’ परिवार, समाज व राष्ट्र उत्थान में करे सहयोग
गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन हरिद्वार की बहनों ने अपने उद्बोधन में कहा
जनमत जागरण @ सोयतकलां
जब नारी मर्यादाहीन होती है तो समाज भी मर्यादा हीन हो जाता है , इसलिए नारी को चाहिए कि वह मर्यादा में रहकर अपने परिवार और समाज और राष्ट्र का उत्थान करें । नारी स्वतंत्रता का तात्पर्य उच्छृंखलता कभी न समझा जाए ।
उक्त बात बुधवार को गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन शाम 6 बजे युग संगीत कार्यक्रम के तहत शांतिकुंज हरिद्वार से आई ब्रह्मवादिनी बहनों की टोली की प्रमुख संध्या तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहीं । नारी जागरण विषयों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे शौर्य पराक्रम एवं इतिहास को समझाया । नारी जीजाबाई की तरह अपने बालक को शिवाजी जैसे राष्ट्रभक्त बनाकर समाज में दिशा दे सकतीं हैं माता सीता के त्याग और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां नारी होती है, वहां श्री होती है नारी हमेशा पूजनीय रही है ।
आपको बता दें कि शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा वर्ष 2022-23 नारी सशक्तिकरण वर्ष घोषित किया गया है उसी के तहत देशभर में नारी सशक्तिकरण के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ।

24 कुडों पर यजमान ने दी आहुतियां
महायज्ञ के दूसरे दिन 24 कुंडी यज्ञ पर आसपास के गांव से आए सैकड़ों जोड़ों ने यज्ञ में बैठकर विश्व कल्याण के लिए अपनी आहुति दी। देश भर में गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे नारी सशक्तिकरण जागरण में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया ।



