आपराधिक छवि वाले उम्मीदवार को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, करना होगा यह काम
समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, टीवी चैनल और दलों की वेबसाइट पर आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले उम्मीदवारों को प्रकाशित करवाना होगी लम्बित न्यायिक प्रकरणों की सम्पूर्ण जानकारी
जनमत जागरण न्यूज़ @ झालावाड़
मतदाता निष्पक्ष और निडर होकर मतदान कर नई सरकार बनाने में अपनी भूमिका निर्वहन करें । इसके लिए चुनाव आयोग ने इस बार आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले उम्मीदवारों के लिए गाइडलाइन जारी की है
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा चुनाव 2023 के अन्तर्गत राजनीतिक दलों द्वारा चुने गए आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी की वेबसाईट के साथ-साथ तीन बार टीवी चैनल्स, समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया में आपराधिक पृष्ठ भूमि से संबंधित जानकारी प्रसारित व प्रकाशित करवानी होगी। जिसमें उम्मीदवार के लंबित कोर्ट प्रकरणों, संबंधित न्यायालय तथा प्रकरण नंबर की जानकारी शामिल होगी।
बताना होगा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति का पार्टी ने क्यों किया चयन
इसके साथ-साथ पार्टी को यह भी बताना होगा कि आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले व्यक्ति का ही उसके द्वारा चयन क्यों किया गया है। इसकी जानकारी एक स्थानीय और एक राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र में देनी होगी। इसकी जानकारी पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और ट्वीटर पर भी देनी होगी।
आपराधिक पृष्ठ भूमि वाले उम्मीदवार के चयन के 48 घण्टों और नामांकन दाखिल करने के दो सप्ताह पूर्व यह जानकारी पार्टी द्वारा प्रकाशित करवाई जाएगी। पार्टी द्वारा यह जानकारी 72 घण्टों में आयोग को उपलब्ध करवानी होगी।
- मतदान के दिन से पहले तीन बार प्रकाशित करना होगी जानकारी
आयोग के निर्देशानुसार जानकारी देने के लिए तीन ब्लॉक्स का इस प्रकार से निर्धारण होगा जिससे की मतदाताओं को उम्मीदवार की पृष्ठ भूमि की जानकारी प्राप्त करने का पर्याप्त समय मिल जाए। जिसमें आपराधिक पृष्ठ भूमि की जानकारी उम्मीदवार द्वारा नामांकन वापसी के पहले 4 दिनों में पहली बार, उसके पश्चात आगामी 5 से 8 दिवस के भीतर, तृतीय बार प्रचार के 9वें दिन से अंतिम दिन तक (मतदान की तिथि से दो दिन पूर्व तक) देनी होगी।



