सुसनेर विधानसभा में दोनों दलों की बढ़ेगी मुश्किल है, कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज जीतू पाटीदार ने ..भरा निर्दलीय नामांकन
भाजपा-कांग्रेस के वोटरो में लगाएंगे सेंध ,जीतू पाटीदार ने ठोकी ताल ..
जनमत जागरण@सुसनेर
क्षेत्र में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख पार्टियां भितरघात से जूझ रही हैं। एक ओर कांग्रेस में भैरुसिंह परिहार को प्रत्याशी घोषित करने के बाद स्थानीय कांग्रेस नेता जीतू पाटीदार ने शुक्रवार को निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिये नामांकन भरा। दूसरी ओर भाजपा द्वारा फिर से वर्तमान विधायक राणा विक्रम सिंह को प्रत्याशी घोषित किया। पूर्व भाजपा विधायक संतोष जोशी ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में गांव गांव सम्पर्क अभियान चला रखा है ।
2023 का विधानसभा चुनाव दिन प्रतिदिन दिलचस्प भी होता जा रहा है। दोनो ही प्रमुख राजनेतिक पार्टीयो के बागी मैदान में है। इस बार के चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों का जनसम्पर्क और शक्ति प्रदर्शन देखकर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस बार निर्दलीय दोनो ही पार्टीया के उम्मीदवारो का गणित बिगाडेंगे। क्योंकि एक और कांग्रेस से जीतू पाटीदार ने बागी होकर शुक्रवार को नलखेडा से सुसनेर तक रैली निकालकर के बडी संख्या में अपने समर्थको के साथ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया है तो वही भाजपा के पूर्व विधायक संतोष जोशी भी निर्दलीय चुनाव लडने के लिए निर्वाचन कार्यालय से फार्म खरीद चुके है वे लगातार ग्रामीण क्षेत्रो में जनसम्पर्क भी कर रहे है। इधर शुक्रवार को जीतू पाटीदार ने नलखेडा में विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी के दर्शन कर अपनी रैली की शुरूआत की जो ग्रामीण अंचल से होते हुएं सुसनेर पहुंची यहां पर अपने कार्यकर्ताओ के साथ दोपहर 3 बजे से पूर्व जीतू पाटीदार ने निर्वाचन कार्यालय में एसडीएम मिलिंद ढोके के समक्ष प्रस्तुत होकर के अपना नामांकन दाखिल किया।
- पार्टी के परंपरागत वोटो में लगाएंगे सेंघ

आपको बता दे की जीतू पाटीदार युवा होने के साथ ही पाटीदार समाज से आते है। जिसका वोट बैंक 25 से 30 हजार के लगभग है। और इनते वोटरो की संख्या सोधिया समाज की भी है। यदि जीतू पाटीदार अपना नामांकन वापस नहीं लेते है तो ये दोनो ही पार्टीयो के परम्परागत वोटरो में सेंध लगाकर के भाजपा-कांग्रेस के प्रत्याशीयो का समीकरण बिगाड सकते है। फॉर्म भरने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि यहां का युवा बेरोजगार हैं , भयमुक्त वातावरण निर्मित करने के लिए वह चुनाव लड़ रहे हैं और अपनी जीत को लेकर के उन्होंने 100% आश्वस्त है।



