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नगर में सपना बनी 24 घंटे जलापूर्ति , सुसनेर में दम तोड़ती ‘”जल आवर्धन योजना” 11 साल बाद भी नहीं मिल रहा प्रतिदिन पानी

25 करोड़ की जल आवर्धन योजना मैं तोडा दम, लोगों को समय पर नहीं मिल रहा पेयजल 

जनमत जागरण@ सुसनेर से संजय जैन की रिपोर्ट

नगरी क्षेत्र की आबादी को समुचित जल मिल सके इसके लिए शासन ने 2012-13 में किटखेड़ी बांध से जल सप्लाई के लिए योजना बनाई और इस योजना का क्रियान्वयन भी हुआ, किंतु समय से पहले ही नगरी क्षेत्र में आबादी बढ़ जाने के कारण तथा पेयजल संग्रहण के लिए समुचित व्यवस्थाएं नहीं होने के चलते यह जलावर्धन योजना अभी से दम तोड़ती नजर आ रही है। जब योजना बनाई गई थी तब नगर की आबादी 15000 के लगभग थी योजना की शुरुआत में लोगों को सपने दिखाए गए थे कि इस योजना से नगर वासियों को 24 घंटे जल सप्लाई हो सकेगी। जलप्रदाय पूरे प्रेशर से होगा तथा तीन मंजिला भवनों तक बिना किसी तकलीफ की पेयजल पहुंच सकेगा किंतु जब योजना बनी तब उसकी लागत मात्र 14 करोड़ थी और योजना की पूर्ण होते-होते इस की लागत 25 करोड़ तक जा पहुंची अब हालात यह है की नगरी क्षेत्र में 2 से 3 दिन में एक बार नलो के जरिए पानी की सप्लाई हो रही है और उसमें भी अधिकांश क्षेत्रों में कम प्रेशर से पानी आ रहा है। प्रतिदिन नगर परिषद के पास पहुंच रही है नगर में वर्तमान में कूल 2 पेयजल टंकियां है जिनसे जल संग्रहित करके पूरे नगर को जल सप्लाई किया जाता है इन दोनों टंकियां की जल ग्रहण क्षमता 6 लाख 50 हजार लीटर की है की है। जबकि वर्तमान आबादी के हिसाब से नगरी क्षेत्र में 14 से 15 लाख लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई होना चाहिए। तभी नगर वासियों को जल प्रतिदिन उपलब्ध हो सकता है

हो सकता है नागरिकों का सपना सच....

नगर परिषद के द्वारा ₹40 रूपये प्रति माह की राशि निर्धारित की गई है। जिसका भुगतान नगर परिषद ने कंपनी को नहीं किया है। किन्तु अब दो और पेयजल टंकीयो से अमृतम 2 योजना में स्वीकृत हुई है जिनकी क्षमता 3 लाख 50 हजार लीटर की है। यह पेयजल टंकियां वार्ड क्रमांक 2 और वार्ड क्रमांक 6 में बनाई जाना है। वर्तमान में जो पेयजल टंकियां है वह नगर के बाहर डाक बंगला क्षेत्र में है जिसकी वजह से नगर के अंदरूनी हिस्सों में पेयजल कम प्रेशर के साथ पहुंचता है साथ ही यह योजना कीटखेडी बांध पर आधारित है। बांध में कम पानी होने पर पेयजल सप्लाई और सिंचाई दोनों के लिए पानी देने में परेशानियां आ सकती है नगर की पेज जलावर्धन योजना के लिए पेयजल की अवस्था कुंडालिया बांध से की जाए तभी दोनों समय पेयजल प्राप्त करने के नागरिकों का सपना सच हो सकता है। 

इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ओपी नागर का कहना है कि उक्त पेयजल आवर्धन योजना की डीपीआर बनाई गई थी तब नगर की आबादी 15000 के आसपास थी और आज नगर की आबादी 25000 के लगभग पहुंच चुकी है ऐसे में योजना का लाभ आम नागरिकों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही जल संग्रहण क्षमता भी कम है। नगर के वार्ड क्रमांक 2 और वार्ड क्रमांक 6 में दोनो जगहों पर 3 लाख 50 हजार लीटर की पेयजल टंकी का निर्माण प्रस्तावित है निर्माण कार्य पूरा हो जाने के बाद जब जल संग्रह की क्षमता बड़ेगी उसके बाद ही सभी को पेयजल समय पर और पूरे प्रेशर से मिल सकेगा।

जितने जल का उपयोग उतनी राशि की वसूली

 इसी योजना में नल कनेक्शन के साथ जल मीटर लगाने तथा जितने जल का उपयोग उतनी राशि की वसूली के सिद्धांत के आधार पर जलकर की वसूली होना थी किंतु कोरोना काल में लोगों को बिना राशि जमा कारण ही नल कनेक्शन कर दिए गए जिन लोगों के नल कनेक्शन हुए हैं उनमें से अधिकांश लोगों ने आज तक जलकर की राशि नगर परिषद को जमा नही कराई है । 

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